राजधानी रांची की शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए पुलिस की तरफ से बुधवार की रात शहर के ज्यादातर मंदिर और सड़कों पर बैरिकेडिंग की गई है। सभी थानेदारों को आदेश दिया गया है वह अपने अपने इलाके में बैरिकेडिंग करें। साथ ही के सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाए।
गृह कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव राजीव अरूण एक्का ने रांची एसएसपी सुरेन्द्र कुमार झा से 10 जून को हुई घटना में के उपद्रवियों के पोस्टर लगाए जाने के संबंध में दो दिनों में स्पष्टीकरण मांगा है। प्रधान सचिव ने कहा है कि पोस्टर लगवाना विधि सम्मत
नामकुम थाना क्षेत्र स्थित सीताराम मॉल में भीषण आग लगी है। आग बुझाने के लिए मौके पर दमकल की पांच गांड़ियां हैं। आशंका जाहिर की जा रही है कि यह आग शॉर्ट सर्किट से लगी है।
मेन रोड में उपद्रव मामले में मंगलवार को पुलिस ने 17 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। अब तक 29 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। 43 लोगों को हिरासत में लिया गया है। कुछ नामजद आरोपी रिम्स में भर्ती हैं। वो जैसे ही ठीक होंगे उनको गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
रुक्का डैम के पास जिस कोयला कारोबारी का चप्पल और बाईक बरामद हुआ था, पुलिस ने उस कोयला कारोबारी अजय सिंह का शव ओरमांझी थाना क्षेत्र स्थित रुक्का डैम से बरामद कर लिया है। बता दें कि मंगलवार शाम ही कोयला कारोबारी अजय सिंह की बाइक, कपड़े और मोबाइल फोन डैम किन
रांची के मेन रोड में 10 जून को हुई हिंसा पूरी तरह प्रायोजित बतायी जा रही है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। जो जानकारी है उसकेअनुसार उपद्रव की योजना एक सप्ताह से तैयार की जा रही थी। उपद्रव में शामिल लोग लॉज और होटलों में रुके थे। बाहर से कई लोग आए थे,
शुक्रवार देर शाम वरीय अधिकारियों की मौजूदगी में जवानों ने स्थिति पर काबू पा लिया। रांची एसएसपी सुरेंद्र कुमार झा, उपायुक्त छवि रंजन, रांची डीआईजी अनीश गुप्ता औऱ सिटी एसपी अंशुमान कुमार ने घूम-घूमकर सुरक्षा का जायजा लिया। इस बीच जिला प्रशासन ने मेन रो़ड मे
रांची के मेन रोड में 10 जून को हुई हिंसक घटना के बाद जिला प्रशासन अलर्ट में है। जिला प्रशासन की तरफ से सख्त हिदायत दी गई है कि किसी भी प्रकार का भ्रामक मैसेज सोशल मीडिया पर ना फैलाएं।
10 जून शुक्रवार को रांची में हुए हिंसा को लेकर ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम का बयान आया। मंगलवार को जिला कांग्रेस कार्यालय में उन्होंने कहा कि रांची में नूपुर शर्मा केबयान के बाद हिंसा भड़क गई। ऐसी परिस्थिति दोबारा ना हो। इसे लेकर शासन और प्रशासन अलर्
रिपोर्ट्स के मुताबिक रांची पुलिस की जांच में पता चला है कि हिंसा के लिए भीड़ जुटाने के लिए वासेपुर गैंग्स नाम का व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया था। इसी व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए 10 जून को जुम्मे की नमाज के बाद लोगों को जुटने को कहा गया था। इसी व्हाट्सएप ग्रुप के
बीजेपी विधायक सीपी सिंह ने हेमंत सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि रांची हिंसा में जो चेहरे सामने हैं, उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिये। लेकिन अबतक इनकी गिरफ्तारी इसलिये नहीं हुई, क्योंकि सरकार वोट की राजनीति करती है, सामने मांडर उपचुनाव है। उन्होंने ने कहा
10 जून को मेन रोड में हुए हिंसक घटना के बाद शनिवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एसआईटी की टीम का गठन किया था। घटना की हाई लेवल जांच की जिम्मेदारी एसआईटी को ही दी गई है। इसी क्रम में एसआईटी की टीम आज मेन रोड पहुंची है। टीम घटनास्थल का मुआयाना कर रही है।