जामताड़ा सदर अस्पताल में 16 जुलाई को कथित तौर पर इलाज के अभाव में एक गर्भवती महिला और उसके गर्भ में पल रहे मासूम की मौत के बाद भड़का जनआक्रोश अब एक बड़े राजनीतिक आंदोलन का रूप ले चुका है। मृतका के परिजनों को न्याय दिलाने तथा इस घटना के विरोध में भाजपा जिल
जामताड़ा सदर अस्पताल में प्रसव पीड़िता घंटों एंबुलेंस के लिए तड़पती रही और परिजनों को 108 सेवा से मदद नहीं मिली। पूर्व विधायक सीता सोरेन ने खबर का संज्ञान लेकर स्वास्थ्य व्यवस्था और राज्य सरकार पर निशाना साधा है। पूरी खबर पढ़ें...
जामताड़ा सदर अस्पताल में तोड़फोड़ और सरकारी कामकाज में बाधा डालने के आरोप में भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष सुमित शरण समेत आठ नेताओं और कार्यकर्ताओं पर FIR दर्ज हुए थे। वहीं इस मामले में भाजपा को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। प्रधान जिला एवं सत्र न्या
जामताड़ा सदर अस्पताल में कथित तौर पर इलाज की मौत के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं पर दर्ज हुई FIR को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ा रुख अपनाया है। बुधवार को जामताड़ा भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में दुमका के पूर्व सांसद व भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष सुनील
जामताड़ा सदर अस्पताल में प्रसूता की मौत के बाद भाजपा नेताओं पर दर्ज FIR को लेकर राजनीति गरमा गई है। पूर्व सांसद सुनील सोरेन के नेतृत्व में भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने एसपी से मिलकर ज्ञापन सौंपा और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए इसे रा
जामताड़ा सदर अस्पताल में गर्भवती महिला की मौत, फिर विरोध, हंगामा और तोड़फोड़। भाजपा जिला अध्यक्ष समेत 8 पर ममला दर्ज।
जामताड़ा सदर अस्पताल में 22 वर्षीय गर्भवती महिला रीना कुमारी की मौत मामले में स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की वजह से मरीजों की मौत हो रही है।
जामताड़ा सदर अस्पताल में कथित तौर पर इलाज में लापरवाही की वजह से गर्भवती महिला और शिशु की मौत हो गई। परिजनों ने विरोध में हंगामा और तोड़फोड़ किया।
जामताड़ा सदर अस्पताल एक बार फिर स्वास्थ्य व्यवस्था और इलाज में कथित लापरवाही को लेकर विवादों में आ गया है। जिले के अलग-अलग प्रखंडों से इलाज के लिए पहुंचे दो मरीजों की अस्पताल में मौत हो गई।
जहां एक तरफ गंभीर रूप से बीमार गरीब मरीज ज़मीन पर लेटने को मजबूर हैं, वहीं दूसरी तरफ उनकी तीमारदारी के लिए तैनात एक 'सहिया' मरीजों के हक के बेड पर कब्ज़ा जमाकर चैन की नींद सोती नजर आ रही है
जामताड़ा सदर अस्पताल में मरीज की पर्ची कटी, बेड तक मिला, लेकिन इलाज करने के लिए डॉक्टर गायब थे. एक गर्भवती आदिवासी महिला रातभर तड़पती रही. लेकिन उसकी तकलीफ को दूर करने के लिए डॉक्टर उपलब्ध नहीं थे. परिजनों ने आरोप लगाया कि रात में अस्पताल में एक भी महिला डॉ
जामताड़ा सदर अस्पताल में आज सुबह कथित चिकित्सकीय लापरवाही का मामला सामने आया है. जहां एक नवजात की जन्म से पहले ही मां के गर्भ में मौत हो गई. इसके बाद पीड़ित परिवार ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया और डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगा. इस मामले को लेकर नीलदाह