जामताड़ा
जामताड़ा सदर अस्पताल में आज सुबह कथित चिकित्सकीय लापरवाही का मामला सामने आया है. जहां एक नवजात की जन्म से पहले ही मां के गर्भ में मौत हो गई. इसके बाद पीड़ित परिवार ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया और डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगा. इस मामले को लेकर नीलदाहा गांव के निवासी सुबल गोराई ने बताया कि उनकी पत्नी अष्टमी गोराई की प्रसव तिथि 22 अप्रैल थी. प्रसव पीड़ा न होने पर वे 25 अप्रैल को सदर अस्पताल पहुंचे. सुबल का आरोप है कि वहां तैनात चिकित्सक ने जांच के बाद यह कहकर उन्हें घर वापस भेज दिया कि प्रसव का समय अभी नहीं आया है.
पीड़ित पति के अनुसार, उन्होंने डॉक्टरों से सोनोग्राफी कराने का बार-बार अनुरोध किया, लेकिन उनकी बातों को अनसुना कर दिया गया और जांच को सोमवार तक के लिए टाल दिया गया. अस्पताल से लौटने के मात्र 12 घंटे के भीतर अष्टमी को असहनीय दर्द शुरू हुआ. जब परिजन उन्हें दोबारा अस्पताल लेकर पहुंचे, तो डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया. पीड़ित परिवार का कहना है कि यदि शनिवार को ही सोनोग्राफी या सही डॉक्टरी सलाह मिल जाती, तो बच्चे की जान बच सकती थी. घटना की सूचना मिलते ही भाजपा जिला महामंत्री कमलेश मंडल भी अस्पताल पहुंचे. उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री के कार्यक्षेत्र में व्याप्त इस कुव्यवस्था पर कड़ा प्रहार किया. मंडल ने चेतावनी दी कि यदि दोषियों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो भाजपा कार्यकर्ता अस्पताल में तालाबंदी करेंगे.
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इस मामले को लेकर सुबल गोराई ने सिविल सर्जन को लिखित शिकायत सौंपी है. सिविल सर्जन डॉ. एस.पी. मिश्रा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कहा कि आवेदन प्राप्त हो चुका है. उन्होंने आश्वासन दिया कि एक जांच टीम गठित की जाएगी और रिपोर्ट में जो भी डॉक्टर या कर्मचारी दोषी पाया जाएगा, उस पर सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी.