जामताड़ा
जामताड़ा के सदर अस्पताल से सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था के दावों की पोल खोलने वाला वीडियो सामने आने के बाद मामला तूल पकड़ गया है। फॉलोअप के सोशल मीडिया चैनल खबर प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद इसका सीधा असर देखने को मिला। दरअसल, जामताड़ा सदर अस्पताल परिसर में एक लाचार पति अपनी नौ माह की गर्भवती पत्नी के इलाज के लिए करीब दो घंटे तक परेशान होता रहा। पति खुद हाथ में सलाईन (आईवी ड्रिप) की बोतल थामे खड़ा था, जबकि उसकी पत्नी व्हीलचेयर पर बैठी असहनीय प्रसव पीड़ा से तड़प रही थी। परिजन लगातार एंबुलेंस की मांग करते रहे, लेकिन उन्हें मदद के नाम पर सिर्फ इंतजार और लाचारी मिली। जिस पर पूर्व विधायक और भाजपा नेता सीता सोरेन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अपने एक्स (ट्विटर) हैंडल पर खबर को साझा किया। उन्होंने जामताड़ा डीसी, झारखंड सीएमओ, स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य विभाग के वरीय अधिकारियों को टैग करते हुए राज्य की चरमराती स्वास्थ्य व्यवस्था पर तीखा हमला बोला। सीता सोरेन ने इस पोस्ट पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए क्या लिखा है, उन्होंने पहले नीचे दिए गए इस पोस्ट को देखें...
जामताड़ा जिला सदर अस्पताल से आई यह तस्वीर बेहद पीड़ादायक है!!
— Sita Soren (@SitaSorenMLA) July 25, 2026
एक गर्भवती बहन को घंटों व्हीलचेयर पर एम्बुलेंस के इंतजार में तड़पना पड़े, इससे ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण और कुछ नहीं हो सकता!!
स्वास्थ्य विभाग आखिर सो क्यों रहा है? क्या एम्बुलेंस सेवाएं सिर्फ कागजों पर चल रही हैं?… https://t.co/tJs8yPEMP8
क्या है पूरा मामला?
यह दर्दनाक घटना जामताड़ा प्रखंड के शहरडाल गांव की है। ग्रामीण निवास मोहली अपनी नौ माह की गर्भवती पत्नी लखी मोहली को प्रसव पीड़ा होने पर शनिवार तड़के करीब 3:00 बजे सदर अस्पताल लेकर पहुंचे थे। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने के घंटों बाद भी कोई महिला डॉक्टर मरीज की जांच करने नहीं आई। केवल कुछ एएनएम आईं, जो डॉक्टर की अनुपस्थिति में कोई ठोस इलाज शुरू नहीं कर सकीं। सुबह करीब 11:00 बजे डॉक्टर ने महिला में खून की अत्यधिक कमी बताते हुए उसे धनबाद रेफर कर दिया। परिजन जब मरीज को नीचे लाए, तो अस्पताल प्रबंधन ने एंबुलेंस उपलब्ध कराने से साफ इनकार कर दिया। परिजनों ने 108 नंबर पर कई बार कॉल किया, लेकिन हर बार एंबुलेंस अनुपलब्ध होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया गया। घंटों तक महिला दर्द से कराहती रही और पति सलाईन की बोतल हाथ में लिए मदद का इंतजार करता रहा।