जामताड़ा
जामताड़ा सदर अस्पताल के महिला वार्ड का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जो अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही को उजागर करता है। जहां एक तरफ गंभीर रूप से बीमार गरीब मरीज ज़मीन पर लेटने को मजबूर हैं, वहीं दूसरी तरफ उनकी तीमारदारी के लिए तैनात एक 'सहिया' मरीजों के हक के बेड पर कब्ज़ा जमाकर चैन की नींद सोती नजर आ रही है। सरकारी दावों की पोल खोलती इस घटना ने एक बार फिर सूबे की स्वास्थ्य व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है। झारखंड की बदहाल चिकित्सा व्यवस्था का यह जीता-जागता उदाहरण है, जिसने मानवता और जिम्मेदारी दोनों को तार-तार कर दिया है।
मरीज़ ज़मीन पर, सहिया बेड पर
वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि जामताड़ा सदर अस्पताल के महिला वार्ड में गंभीर रूप से बीमार महिला मरीज नीचे ज़मीन पर लेटी हुई है। वहीं, मरीजों की देखभाल के लिए तैनात सहिया आराम से बेड पर सोकर 'अराम फरमा' रही है। अस्पताल के इस संवेदनहीन रवैये को वहां मौजूद एक शख्स ने अपने कैमरे में कैद कर लिया।
आरक्षित जगह खाली, फिर भी बेड पर कब्ज़ा
हैरानी की बात यह है कि अस्पताल परिसर में सहिया और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के रुकने के लिए आधिकारिक तौर पर अलग से जगह रेस्ट रूम निर्धारित है। वीडियो में यह भी दिखाया गया है कि सहिया के लिए तय कमरा और बेड पूरी तरह खाली पड़े हैं। इसके बावजूद, नियमों को ताक पर रखकर मरीजों के लिए आरक्षित बेड पर कब्ज़ा जमाया गया।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या गरीब मरीजों की मजबूरी का इसी तरह मज़ाक उड़ाया जाएगा? इस घटना ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों की लचर कार्यशैली और संवेदनहीनता को उजागर कर दिया है। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग इस वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर दोषी सहिया पर क्या कार्रवाई करता है।