द फॉलोअप, रांची
गिरिडीह के रहने वाले आईएएस अधिकारी आशीष मोदी के कास्ट सर्टिफिकेट पर विवाद खड़ा हो गया है। विवाद के बाद DOPT ने झारखंड सरकार को पत्र लिख कर आशीष मोदी के ओबीसी प्रमाण पत्र पर स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया है। 30 अगस्त को डीओपीटी ने भेजे पत्र में झारखंड सरकार से तथ्यात्मक ढंग से रिपोर्ट की मांग की है। जानकारी के अनुसार 2013 बैच के आईएएस अधिकारी आशीष मोदी पर आरोप है कि वह सामान्य श्रेणी से आते हैं जबकि उनका चयन ओबीसी कैटेगरी में हुआ है। ओबीसी कैटेगरी के कारण ही 350 वां रैंक मिलने के बाद भी उन्हें आईएएस कैडर आवंटित हुआ था। जानकारी के अनुसार वर्षों पहले मोदी का परिवार राजस्थान के फतेहपुर से आकर गिरिडीह में रहने लगा था। इसी कारण डीओपीटी ने झारखंड से उनके कास्ट सर्टिफिकेट के बारे में जानकारी मांगी है।

वैसे आशीष मोदी पहले से भी विवादों में रहे हैं। आईएएस में सलेक्शन होने के बाद उनका नागालैंड कैडर आवंटित हुआ। लेकिन राजस्थान कैडर की भारती दीक्षित से शादी के बाद उनका कैडर नागालैंड से राजस्थान कैडर आवंटित हुआ। हालांकि भारती दीक्षित के साथ भी उनका विवाद हुआ। मामला पुलिस और कोर्ट तक पहुंचा। कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद उनका भारती दीक्षित के साथ तलाक स्वीकृत हुआ। वैसे बताया जाता है कि केंद्रीय सूची में झारखंड की मोदी जाति ओबीसी सूची में दर्ज है। अब जांच के बाद स्थिति स्पष्ट हो पाएगी जब राज्य सरकार DOPT को अपनी रिपोर्ट देगी। आशीष मोदी फिलहाल राजस्थान के सीकर जिले कलेक्टर हैं।
.jpeg)