जामताड़ा
जामताड़ा सदर अस्पताल में तोड़फोड़ और सरकारी कामकाज में बाधा डालने के आरोप में भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष सुमित शरण समेत आठ नेताओं और कार्यकर्ताओं पर FIR दर्ज हुए थे। वहीं इस मामले में भाजपा को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राधा कृष्ण के न्यायालय ने सभी आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए उनकी गिरफ्तारी पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। कोर्ट से राहत पाने वालों में बीजेपी जिला अध्यक्ष सुमित शरण, जिला महामंत्री कमलेश मंडल, युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष कुणाल सिंह, प्रदीप रावत, टिंकू साव, आकाश साव, वार्ड पार्षद बच्चू साव और राज स्वर्णकार शामिल हैं।

अगली सुनवाई तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी न की जाए
इन सभी के खिलाफ जामताड़ा थाना में कांड संख्या 100/26 के तहत मामला दर्ज है। दरअसल यह केस जामताड़ा सदर अस्पताल के उपाधीक्षक (डीएस) डॉक्टर दिनेश कुमार की शिकायत पर दर्ज कराया गया था, जिसमें अस्पताल में हंगामा, तोड़फोड़ और सरकारी काम में बाधा डालने का आरोप लगाया गया था। गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने सभी आठ आरोपियों की अग्रिम जमानत अर्जी पर विचार किया। सभी को राहत देते हुए न्यायालय ने पुलिस को निर्देश दिया कि अगली सुनवाई तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी न की जाए।

केस डायरी के आधार पर आगे का फैसला
इसके साथ ही अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जामताड़ा पुलिस से केस डायरी तलब की है। अब इस हाई-प्रोफाइल मामले की अगली सुनवाई कोर्ट द्वारा निर्धारित अगली तिथि पर होगी, जहां पुलिस द्वारा सौंपी जाने वाली केस डायरी के आधार पर आगे का फैसला लिया जाएगा। गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले जामताड़ा सदर अस्पताल में इलाज के दौरान एक गर्भवती महिला की मौत हुई थी, और अस्पताल प्रबंधन पर आरोप लगे थे कि इलाज में लापरवाही के कारण महिला की मौत हो गयी। वहीं आक्रोशित लोगों ने सदर अस्पताल में जमकर बवाल काटा था।