महा-अभियान के तहत अब नगर पंचायत की पूरी टीम खुद जनता और दुकानदारों के दरवाजे तक पहुंचेगी, ताकि उनकी शिकायतों को सुनकर मौके पर ही उनका 'ऑन द स्पॉट' निपटारा किया जा सके
मीडिया (फॉलोअप) द्वारा खबर प्रमुखता से प्रसारित किए जाने के बाद संज्ञान लेते हुए संबंधित विभाग के उच्चाधिकारियों और रेल इंजीनियरों की एक उच्च स्तरीय टीम आनन-फानन में मौके पर पहुंची
जामताड़ा पुलिस को अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस अधीक्षक (SP) शंभु कुमार सिंह के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल (SIT) ने देवघर, दुमका और जामताड़ा जिले के मोस्ट वांटेड अपराधी फिरोज अंसारी को गिरफ्तार कर लिया ह
जामताड़ा जिला जज प्रथम अजय कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने सोमवार को नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के चर्चित मामले में अहम फैसला सुनाते हुए मिहिजाम थाना क्षेत्र के बोदमा अर्जुनडी निवासी लखन राणा और रणजीत राणा को दोषी करार देते हुए 20-20 वर्ष के कठोर कारावास की
जामताड़ा-आसनसोल मुख्य रेलखंड पर बड़ा रेल हादसा होने का खतरा मंडरा रहा है। रेलवे विभाग की कथित घोर लापरवाही के कारण रोजाना इस मार्ग से गुजरने वाले हजारों रेल यात्रियों की जिंदगी दांव पर लगी हुई है
जामताड़ा रेलवे स्टेशन पर सोमवार को उस वक्त चीख-पुकार मच गई, जब चलती ट्रेन से उतरने के प्रयास में दो यात्री सीधे ट्रैक और प्लेटफॉर्म के बीच के गैप में जा गिरे
आसमानी वज्रपात की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई
स्थानीय ग्रामीणों की इस पुरानी और जायज मांग को प्राथमिकता देते हुए सारठ विधायक उदय शंकर सिंह उर्फ चुन्ना सिंह ने एक बड़ी पहल की है। विधायक की अनुशंसा पर पथ निर्माण विभाग द्वारा करमाटांड-लहरजोरी मार्ग विद्यासागर रेलवे फाटक से लेकर टांड स्थित काली मंदिर तक
जहां एक तरफ गंभीर रूप से बीमार गरीब मरीज ज़मीन पर लेटने को मजबूर हैं, वहीं दूसरी तरफ उनकी तीमारदारी के लिए तैनात एक 'सहिया' मरीजों के हक के बेड पर कब्ज़ा जमाकर चैन की नींद सोती नजर आ रही है
क्रेडिट कार्ड बंद होने का झांसा देकर देशव्यापी ठगी करने वाले एक शातिर साइबर अपराधी को जामताड़ा पुलिस ने गिरफ्तार किया है
मिहिजाम थाना क्षेत्र के कानगोई हनुमान मंदिर इलाके में शनिवार को विद्युत विभाग की घोर लापरवाही के कारण दो दुधारू मवेशियों की दर्दनाक मौत हो गई
कर्माटांड़ प्रखंड की तरकोजीरी पंचायत में केवल फोटो खिंचवाने और औपचारिकता पूरी करने के लिए बिना जड़ की सूखी डालियों को जमीन में गाड़कर पौधारोपण का नाटक रचा गया