जामताड़ा
जामताड़ा के इंदिरा चौक पर शाम 5:00 बजे उस समय भारी अफरा-तफरी और हंगामे की स्थिति पैदा हो गई, जब भाजपा जिला कमेटी के बैनर तले राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी का पुतला दहन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए जिला प्रशासन के कई वरीय अधिकारी और भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर तैनात थे।
जैसे ही भाजपा कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य मंत्री का पुतला दहन करना शुरू किया, पुलिस अधिकारियों ने पुतला छीनने का प्रयास किया। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी के बावजूद आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने पुतले में आग लगा दी। पुतले में आग लगते ही माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। पुलिस अधिकारी और सिपाही आग बुझाने और पुतले को अपने कब्जे में लेने के लिए कार्यकर्ताओं से सीधे भिड़ गए। इस दौरान कुछ पुलिसकर्मी अपने गमछे से पुतले की आग को बुझाते नजर आए। अंत में एक पुलिसकर्मी जलते हुए पुतले को कार्यकर्ताओं से छीनकर भागे और उसे बुझाया। इस दौरान पुलिसकर्मी के झुलसने की भी खबर है।
जमकर धक्का-मुक्की हुई
खींचतान के दौरान पुलिस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई। इस भिड़ंत के कारण भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष बबीता झा सड़क पर गिर गईं, जिससे उन्हें चोटें आईं। वहीं, जलता हुआ पुतला छीनने और आग बुझाने के प्रयास में कुछ पुलिसकर्मियों के हाथ भी झुलस गए। मौके पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जामताड़ा के अंचलाधिकारी (सीओ) अभिश्वर मुर्मू भी पूरे दलबल के साथ उपस्थित रहे।
प्रशासन की गीदड़ भभकी से नहीं डरेंगे: सत्यानंद झा बाटुल
घटना के बाद पूर्व कृषि मंत्री सत्यानंद झा बाटुल ने हेमंत सरकार और जिला प्रशासन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, "प्रशासन चाहे कितना भी दमन चक्र चला ले, लेकिन भाजपा कार्यकर्ता रुकने वाले नहीं हैं। हम पुलिस और सरकार की इस गीदड़ भभकी से डरने वाले नहीं हैं।"
उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि बीते 16 जुलाई को जामताड़ा सदर अस्पताल में अस्पताल प्रबंधन की घोर लापरवाही के कारण एक गर्भवती महिला और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना स्वास्थ्य मंत्री के गृह क्षेत्र की बदहाल कानून और स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलती है। पूरे राज्य में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह चरमरा चुकी हैं और इलाज के अभाव में हर दिन गरीबों की जान जा रही है।

मुकदमे और लापरवाही के खिलाफ फूटा गुस्सा
भाजपा नेताओं ने स्पष्ट किया कि आज का यह उग्र प्रदर्शन 16 जुलाई को सदर अस्पताल में हुई जच्चा-बच्चा की मौत और इस मुद्दे को उठाने वाले भाजपा कार्यकर्ताओं पर प्रशासन द्वारा दर्ज किए गए झूठे मुकदमों के विरोध में किया गया था। इस मौके पर युवा मोर्चा के प्रदेश महामंत्री मनीष दुबे, पूर्व जिला अध्यक्ष सुरेश राय, माधव चंद्र महतो, तरुण गुप्ता, हरिमोहन मिश्रा, बालमुकुंद रविदास, बबीता झा और मोहन शर्मा सहित सैकड़ों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित थे।
