बिहार में आर्केस्ट्रा अड्डों पर चल रहे अवैध गतिविधियों के खिलाफ पुलिस ने राज्यव्यापी अभियान चलाते हुए 18 नाबालिग समेत कुल 27 लड़कियों को मुक्त कराया है। ये लड़कियां उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, नागालैंड और झारखंड सहित कई राज्यों से लाई
बिहार में आर्केस्ट्रा अड्डों पर चल रहे अवैध गतिविधियों के खिलाफ पुलिस ने राज्यव्यापी अभियान चलाते हुए 18 नाबालिग समेत कुल 27 लड़कियों को मुक्त कराया है। ये लड़कियां उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, नागालैंड और झारखंड सहित कई राज्यों से लाई
लोहरदगा पुलिस और आरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई में 7 मानव तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। इन तस्करों की गिरफ्तारी लोहरदगा रेलवे स्टेशन से हुई है।
दिल्ली में 2 प्लेसमेंट एजेंसियों पर छापेमारी की कार्रवाई में 14 लड़कियों सहित 21 बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कराया गया। ये बच्चे झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम, उत्तर प्रदेश, बिहार और छत्तीसगढ़ जैसे देश के विभिन्न राज्यों के हैं।
झारखंड पुलिस (Jharkhand Police) ने आज नई दिल्ली में अभियान चलाकर ट्रैफिकिंग (Human Trafficking) की शिकार 19 लड़कियों को पुलिस ने मुक्त कराया है। साथ ही 2 मानव तस्कर भी गिरफ्तार किये गये हैं।
झारखंड की 9 और बेटियां मानव तस्करों के चंगुल से आजाद कराई गई। ये सभी बच्चियां लातेहार जिले की हैं।
मानव तस्करी पर शिकंजा कसने के लिए झारखंड सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। दरसअल, बढ़ती मानव तस्करी पर रोक लगाने के लिए सरकार तमिलनाडू मॉडल के तर्ज पर झारखंड में भी वही नियम लागू करने जा रही है
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Chief Minister Hemant Soren) के सार्थक प्रयास से लगातार मानव तस्करी (Human Trafficking) के शिकार बालक/बालिकाओं को मुक्त कराकर उनके घरों में पुनर्वासित किया जा रहा है। उसी कड़ी में मानव तस्करी की शिकार झारखंड के गुमला (Gumla) जिल
झारखंड में हर साल बेटिंयां कभी काम के नाम पर तो कभी शादी के नाम पर दूसरे राज्यों में भेजी जाती हैं। इनमें से ज्यादातर घर नहीं लौट पाती हैं। वहीं कई की जिंदगी मानव तस्करों के चंगुल में फंसकर बरबाद हो जाती है।
झारखंड में मानव तस्करी का धंधा विकराल रूप लेता जा रहा है। हर दिन कईयों की जिंदगी तस्करों के कारण बर्बाद होती जा रही है। ताजा मामला गुमला का है जहां एक मानव तस्करी का शिकार हुई एक नाबालिग लड़की ने 4 दिन पहले एक बच्ची को जन्म दिया है। लड़की की उम्र 16 साल ह
झारखंड की बेटियों को राजस्थान और मध्यप्रदेश में लेजाकर बेचा जा रहा है। दरअसल इन राज्यों में शादी के लिए लड़कियां नहीं मिलती है़ं। जमशेदपुर पुलिस ने मानव तस्करी के एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है।
झारखंड से हर साल ना जाने कितने ही लोगों की तस्करी की जाती है। झारखंड के मानव तस्करी में ज्यादातर संख्या लड़कियों की होती है। लोग बहला-फुसलाकर लड़कियों को काम दिलाने के लांच में बड़े शहरों में ले जाते हैं और वहां से लड़कियां हमेशा के लिए गायब हो जातीं है। हज