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मानव तस्करों के चंगुल से बचाई गई झारखंड की 9 बेटियां, लातेहार SP बोले- इसे खत्म कर ही दम लेंगे

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लातेहार:

झारखंड की 9 और बेटियां मानव तस्करों के चंगुल से आजाद कराई गई। ये सभी बच्चियां लातेहार जिले की हैं। बच्चियों की बरामदगी के बाद लातेहार एसपी अंजनी अंजन ने कहा कि बच्चियों को दिल्ली, चंडीगढ़ और पानीपत के अलग-अलग इलाकों से रेस्क्यू किया गया है। बता दें कि कुछ दिन पहले झारखंड पुलिस ने ऐसी 17 बच्चियों को रेस्क्यू किया था। आदिवासी समुदाय को वह बच्चियां मानव तस्करी का शिकार हुई थीं। कई बच्चियों ने मानव तस्करों द्वारा यौन शोषण किए जाने का भी आरोप लगाया था।

बच्चियों की बरामदगी के लिए एसआईटी गठित
बच्चियों को रेस्क्यू कर लाए जाने के बाद लातेहार एसपी अंजनी अंजन ने बताया कि बच्चियों की बरामदगी के लिए एसआईटी का गठन किया गया था। टीम ने दिल्ली, चंडीगढ़ और पानीपत के अलग-अलग इलाकों से इन बच्चियों को रेस्क्यू किया। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि मानव तस्करी को खत्म कर ही दम लेंगे।

 

तमिलनाडु मॉडल पर रोकेंगे मानव तस्करी
बता दें कि झारखंड में मानव तस्करी को लेकर तमिलनाडु मॉडल अपनाने की बात भी कही जा रही है। दरअसल, झारखंड में मानव तस्करी गंभीर समस्या बनती जा रही है। लातेहार, लोहरदगा, गढ़वा, सिमडेगा सहित संताल परगना के साहिबगंज और पाकुड़ जैसे जिलों से आदिवासी और आदिम जनजातीय समुदाय की बच्चियों और युवतियों को काम दिलाने के बहाने दिल्ली और चंडीगढ़ जैसे महानगरों में बेच दिया जाता है। कई बच्चियों को देह व्यापार में धकेल दिया जाता है।