पूर्वी सिंहभूम में हाथियों की मौत पर केंद्र सरकार ने संज्ञान लिया है। सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय की टीम ने पूर्वी सिंहभूम के चाकुलिया और मुसाबनी में जंगली इलाकों का दौरा किया।
जांच में पता चला है कि मनरेगा से प्रखंड में तालाब, आंगनबाड़ी, सिंचाई नाला, शौचालय बकरी शेड, बागवानी, खेल के मैदान, शॉकपिट और जल संरक्षण का काम कराया जा रहा था। बताया जाता है कि अधिकारियों ने कागज पर योजना बनाई। पैसे निकाले और काम किया ही नहीं। ये भी जानका
दरअसल, राज्य में लघु खनिज को लेकर नए सिरे से डिटेल सर्वे रिपोर्ट तैयार किया जाएगा। 2017 के बाद फिर से लघु खनिज को डीएसआर तैयार करने को कहा गया है ताकि नए सिरे से माइंस का संचालन किया जा सके। उल्लेखनीय है कि जिले में करीब 54 से अधिक माइंस हैं लेकिन फिलहाल
पूर्वी सिंहभूम जिले के धालभूमगढ़ रेलवे स्टेशन तथा कोकपाड़ा रेलवे स्टेशन के बीच चोयरा गांव के समीप रविवार सुबह ट्रेन लाइन पर दो लोगों की लाश मिली है। मृतकयुवक और युवती रिश्ते में भाई बहन थे। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
गर्मी का सितम जारी है। तापमान रोज नए रिकॉर्ड बना रहा है। इस बीच झारखंड में एक ऐसा स्कूल भी है जहां 150 बच्चों के लिए पेयजल की व्यवस्था नहीं है । मामला पूर्वी सिंहभूम जिला के अति-नक्सल प्रभावित गुड़ाबांधा प्रखंड रेरुआ गांव का है। गांव के प्राथमिक विद्यालय