द फॉलोअप डेस्क
पूर्वी सिंहभूम के दलमा जंगल में पहली बार बाघ के होने की पुष्टि हुई है। ट्रैप कैमरे में बाघ की तस्वीर कैद हुई है। इससे पहले केवल उसके पैरों के निशान देखे जाते थे, लेकिन अब तस्वीर मिलने से यह साफ हो गया है कि बाघ दलमा में मौजूद है। वन विभाग को मिली जानकारी के अनुसार, यह बाघ पहले छत्तीसगढ़ से पलामू टाइगर रिजर्व पहुंचा। वहां से गुमला, चांडिल होते हुए दलमा आ गया। इसके बाद यह घाटशिला, पश्चिम बंगाल के पुरुलिया और बांकुड़ा तक घूमकर फिर झाड़ग्राम होते हुए दलमा आ गया। इसके बाद यह घाटशिला, पश्चिम बंगाल के पुरुलिया और बांकुड़ा तक घूमकर फिर झाड़ग्राम होते हुए दोबारा घाटशिला और अब दलमा वापस पहुंच गया है।
बाघ पर वन विभाग की नजर
वन विभाग की टीम बाघ की निगरानी कर रही है। डीएफओ सबा आलम अंसारी के निर्देश पर ट्रैप कैमरे लगाए गए थे, जिनमें बाघ की तस्वीर सामने आयी है। दलमा में ही नहीं, आसपास के इलाकों में भी कुल 80 से ज्यादा ट्रैप कैमरे लगाए गये हैं। वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि बाघ का दलमा में आना अच्छा संकेत है। इससे यह साफ होता है कि यहां का माहौल बाघ के लिए अनुकूल है। फिलहाल बाघ दलमा के कोरे एरिया में घूम रहा है और वन विभाग लगातार उस पर नजर बनाए हुए है।