मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सात दिनों बाद जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में अपनी चौथी पारी शुरू करने जा रहे हैं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव की अधिसूचना जारी हो चुकी है और नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 22 मार्च तय की गई है
राज्यसभा चुनाव में जीत के ठीक एक दिन बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। जदयू के वरिष्ठ नेता, सलाहकार और पूर्व राज्यसभा सांसद केसी त्यागी ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस फैसले से राज्य की सियासत में हलचल तेज हो गई ह
बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों पर हुए चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने बड़ी जीत दर्ज करते हुए क्लीन स्वीप कर लिया है। एनडीए के सभी पांच उम्मीदवारों ने जीत हासिल की, जिससे महागठबंधन की रणनीति पूरी तरह ध्वस्त हो गई। बताया जा रहा है कि चार विधायकों
बिहार में राज्यसभा के 5 सीटों के लिए हो रहे चुनाव प्रक्रिया आज समाप्त हो गई है।
बिहार में राज्यसभा चुनाव के लिए सोमवार को मतदान जारी है।
बिहार में आज सुबह 9 बजे से ही वोटिंग शुरू हो गई है। राज्यसभा चुनाव से ठीक एक दिन पहले बिहार विधानसभा की सचिव ख्याति सिंह का ट्रांसफर कर दिया गया है।
राज्यसभा चुनाव 16 मार्च यानि कल होना है। चुनाव पांच सीटों के लिए होने हैं। अब चुनाव से पहले बिहार की राजनीति में पूरी तरह से गरमा-गरमी दिख रही है।
बिहार विधानसभा को शुक्रवार को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली। धमकी मिलने के बाद बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई। विधानसभा परिसर में सुरक्षा-व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
बिहार में मुख्यमंत्री के चेहरे और राज्यसभा चुनाव की पांचवीं सीट को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। इस बीच राज्य के परिवहन मंत्री श्रवण कुमार का बयान सामने आया है।
परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने बुधवार को पूर्णिया जिले के दालकोला चेकपोस्ट का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने चेकपोस्ट पर मौजूद व्यवस्थाओं का गहन जायजा लिया और कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए।
मिडिल ईस्ट में हो रहे संघर्ष के दौरान भारत आ रहे थाई समुद्री जहाज पर हमले हुए। इस हमले में बिहार के भागलपुर जिले के एक इंजीनियर देवनंदन प्रसाद सिंह की मौत हो गई।
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब भारत की रसोई तक पहुंच गया है। देश में एलपीजी गैस सप्लाई को लेकर अचानक मांग तेज हो गई है। बिहार में एलपीजी गैस सिलेंडर की कालाबाजारी और अवैध वसूली के खिलाफ नीतीश सरकार ने सख्त कदम उठाया है।