पटना
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सात दिनों बाद जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में अपनी चौथी पारी शुरू करने जा रहे हैं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव की अधिसूचना जारी हो चुकी है और नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 22 मार्च तय की गई है। इस चुनाव को लेकर पार्टी के भीतर गतिविधियां तेज हो गई हैं और इसे औपचारिक प्रक्रिया माना जा रहा है।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, नीतीश कुमार 19 मार्च को अपना नामांकन दाखिल करेंगे। उन्होंने इसके लिए आवश्यक कागजात पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता उनके प्रस्तावक होंगे। यह भी संकेत मिल रहे हैं कि पार्टी के भीतर सर्वसम्मति से उन्हें फिर से अध्यक्ष बनाने की तैयारी पूरी कर ली गई है।
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24 मार्च को फिर बनेंगे अध्यक्ष
जदयू के अंदरूनी हालात को देखते हुए यह लगभग तय माना जा रहा है कि इस पद के लिए कोई अन्य उम्मीदवार मैदान में नहीं उतरेगा। नामांकन वापसी की अंतिम तिथि 24 मार्च है, ऐसे में उसी दिन उनके निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की औपचारिक घोषणा हो सकती है। इससे पहले भी वे कई बार बिना मुकाबले इस पद पर चुने जा चुके हैं।
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संगठन में मजबूत पकड़ और आगे की रणनीति
नीतीश कुमार ने 2016 में पहली बार जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी संभाली थी। इसके बाद 2019 और फिर 2023 में भी वे इस पद पर निर्विरोध चुने गए। उनके नेतृत्व में पार्टी ने कई राजनीतिक उतार-चढ़ाव देखे हैं, लेकिन संगठन पर उनकी पकड़ लगातार मजबूत बनी रही है।
पार्टी के भीतर यह भी चर्चा है कि कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष की व्यवस्था आगे भी जारी रह सकती है और संजय झा इस भूमिका में सक्रिय बने रहेंगे। इसके अलावा, पटना में ही राष्ट्रीय परिषद और राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक आयोजित करने की तैयारी चल रही है, जिसमें देशभर से पार्टी प्रतिनिधि शामिल होंगे। आगामी बैठकों में संगठन विस्तार और चुनावी रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा होने की संभावना है।
