नहीं खेल ऐ 'दाग़' यारों से कह दो कि आती है उर्दू ज़बाँ आते आते।
'वर्ल्ड कप पर आने वाले एड में छुपी है दुनिया में बदलाव की आहट
1857 में क्रांति की चिंगारी भड़की तो सभी विद्रोही सैनिकों और राजा-महाराजाओं ने उन्हें हिंदुस्तान का सम्राट माना और उन्होंने भी अंग्रेजों को खदेड़ने का आह्वान किया।
छठ के गीतों में बेटी की कामना के स्वर परांपरागत तौर पर मिलते हैं। बिंष्यवासिनी देवी का तो लोकप्रिय छठ गीत ही था-रुनुकी झुनुकी के बेटी मांगीला।
अगर रिसर्च के बाद सामने आई एक पुस्तक की मानें तो ऐसा निकट भविष्य में सच होने जा रहा है।
धारणाओं के ज़रिए लोगों में फुट डाली जाती है, उन्हें आपस में लड़वाया जाता है।
''हौसले और हिम्मत से जयपुर की डॉ कीर्ति भारती बदल रही समाज
तमसो मा ज्योतिर्गमय-दीपावली की शुभकामनाएं हार्दिक
प्रभावशाली मीडिया, नेता, पार्टियां पत्थर फेंकने का काम कर रही हैं।
'जय भीम' की तरह 'आक्रोश' के केंद्र में भी आदिवासी थे। वहाँ भी एक समाजकर्मी था। एक वकील था। एक पब्लिक प्रासिक्यूटर था। पुलिस थी। नेता थे। अन्याय था। अन्याय के खिलाफ कानूनी संघर्ष था। दोनों फिल्में सच्ची घटना पर आधारित हैं। अंतर क्या है?
नौकरी छोड़ दी और एक पूर्णकालिक चिकित्सा जोकर बन गयी, जो अस्पतालों, अनाथालयों, वृद्धाश्रमों और यहां तक कि झुग्गियों में भी प्रदर्शन करती है। मेरे माता-पिता गर्व से कहते हैं, 'हमारी बेटी जान बचाती है।'
अमेरिकी तर्ज की इमारतें, अपार्टमेंट, स्काइ स्कैपर और शापिंग कांप्लेक्स उठ खड़े हुए वे कलकत्ता के मुख्य शहर में बहुत कम