राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ओडिशा के मयूरभंज ज़िले के पहाड़पुर गांव का दौरा किया। राज्य के आदिवासी बहुल इलाके में यह उनका संयुक्त दौरा था।
CCTOA ने 'मिशन बसुंधरा 4.0' शुरू करने की भी मांग की और तर्क दिया कि आदिवासियों की भूमि बंदोबस्त से जुड़े कई मुद्दे अभी भी अनसुलझे हैं। संगठन ने सरकार से वन अधिकार अधिनियम, 2006 को ठीक से लागू करने को सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने शनिवार को रांची में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि रिम्स 2 के विरोध में हर गांव में डुगडुगी बजेगा और नगड़ी में आदिवासियों को महाजुटान होगा।
गोड्डा के एसआरटी महाविद्यालय, धमड़ी में दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार की शुरुआत अतिथियों द्वारा दीप जलाकर और सिद्धू-कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय के कुलगीत के साथ हुई
जामताड़ा जिले में आदिवासी समाज को नशा मुक्ति की राह पर ले जाने, शिक्षा का उजियारा फैलाने और अपनी समृद्ध पारंपरिक रीति-रिवाजों को सहेजने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। 'देश मांझी परगना बाईसी, संथाल परगना की अगुवाई में 10 दिवसीय मांझी परगना प्रश
सरायकेला खरसावां जिला के ईचागढ़ प्रखंड अंतर्गत सोड़ो पंचायत के आदरडीह गांव स्थित सामुदायिक भवन में आदिवासी कुड़मी समाज का एक महत्वपूर्ण प्रतिनिधि सम्मेलन आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम ग्राम प्रधान शिवराम महतो की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। सम्मेलन का मुख्य
लगातार आदिवासी सरना समुदाय की पारंपरिक सामाजिक एवं धार्मिक व्यवस्था और ग्राम स्वशासन से जुड़े अधिकारों को सुरक्षित रखने की मांग को लेकर राज्य में आंदोलन तेज हो गया है
आज रांची के जेकब हॉल में 'आदिवासी छात्र संघ' की ओर से प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इसके माध्यम से रांची विश्वविद्यालय (RU) में कुलपति की नियुक्ति और संकल्प संख्या 902 के तहत शैक्षणिक व गैर-शैक्षणिक पदों के पुनर्गठन (Restructuring) से उत्पन्न गंभीर संकट
शरीर पर कीचड़ पोतकर तालाब में खड़ी महिलाओं ने कहा, हम नक्सली बन जाएंगे। ये मामला मध्य प्रदेश के छतरपुर का है। जहां 'केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट' और 'रूंझ-मझगुआ बांध' से प्रभावित आदिवासी परिवार पिछले 11 दिनों से लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
प्रदेश राजद प्रवक्ता कैलाश यादव ने 30 मार्च को जारी प्रेस बयान में जेटेट परीक्षा से भोजपुरी, मगही और अंगिका भाषाओं को बाहर रखने के फैसले पर कड़ा विरोध जताया। उन्होंने इसे जनविरोधी और घातक निर्णय बताते हुए कहा कि इससे राज्य में भाषाई विवाद बढ़ सकता है, जो
पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा है कि धर्म परिवर्तन के उद्देश्य से गांव में आने वालों को ग्राम सभा के निर्णय के आधार पर रोका जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि माननीय सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्णय ने पेसा अधिनियम के तहत ग्राम सभाओं के अधिकार को बरकरार रखा है
जामताड़ा जिले में आदिवासी समाज को नशा मुक्ति और सही दिशा में आगे बढ़ने के लिए जागरूकता अभियान चलाने वाले सुरेश मुर्मू के घर को शनिवार रात असामाजिक तत्वों ने कथित रूप से आग लगा दी। इस घटना में घर में रखे सामान सहित लाखों रुपये की संपत्ति जलकर राख हो गई।