रांची
आज रांची में केंद्र सरका की ओर से पारित खनिज विधेयक और प्रस्तावित परिसीमन बिल के खिलाफ आदिवासी महाजुटान हुआ। इसमें पूरे राज्य से आंदोलनकारी पहुंचे। आयोजित सभा मं 5 बड़े प्रस्ताव पारित किये गये। ये इस प्रकार हैं-
1. परिसीमन में ST आरक्षित सीटें बढ़ाने की मांग
परिसीमन के दौरान आदिवासी समाज के राजनीतिक प्रतिनिधित्व में किसी भी तरह की कमी स्वीकार नहीं होगी। लोकसभा और विधानसभा की सीटें बढ़ती हैं तो ST के लिए आरक्षित सीटों की संख्या भी उसी अनुपात में बढ़ाई जाए। पांचवीं अनुसूची के क्षेत्र, ऐतिहासिक पुनर्स्थापन और विशेष प्रावधानों को भी परिसीमन का आधार बनाने की मांग की गई।

2. MMDR संशोधन कानून का विरोध
सभा ने खान एवं खनिज विकास और विनियमन संशोधन कानून का विरोध किया। प्रस्ताव में कहा गया कि यह कानून राज्यों की राजकोषीय स्वतंत्रता, विधायी अधिकार और सहकारी संघवाद को प्रभावित करता है।
3. आदिवासी जमीन के अवैध हस्तांतरण पर रोक
CNT और SPT कानूनों का उल्लंघन कर आदिवासी जमीन के अवैध हस्तांतरण, कब्जे और बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग की गई। अवैध रूप से हस्तांतरित जमीन को मूल रैयतों को वापस दिलाने की मांग भी उठी।
4. ग्रामसभा की अनुमति के बिना खनन और अधिग्रहण पर रोक
पांचवीं अनुसूची के क्षेत्रों में ग्रामसभा की सहमति के बिना खनन, जमीन अधिग्रहण और विस्थापन पर रोक लगाने की मांग की गई। PESA कानून 1996 और वन अधिकार कानून 2006 को झारखंड में प्रभावी ढंग से लागू करने की बात कही गई।
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5. जनगणना में अलग सरना धर्म कोड की मांग
आदिवासी धार्मिक पहचान और अस्मिता के लिए जनगणना फॉर्म में सरना धर्म कोड का अलग कॉलम देने की वर्षों पुरानी मांग को महाजुटान में फिर दोहराया गया।
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