गोड्डा
गोड्डा के एसआरटी महाविद्यालय, धमड़ी में दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार की शुरुआत अतिथियों द्वारा दीप जलाकर और सिद्धू-कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय के कुलगीत के साथ हुई। कार्यक्रम में आए मेहमानों का स्वागत बुके और शॉल देकर किया गया, जिसके बाद कॉलेज के प्राचार्य डॉ. शंभु कुमार सिंह ने सेमिनार के उद्देश्यों के बारे में बताया। विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर डॉ. राजीव कुमार ने इस आयोजन को कॉलेज के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया और कहा कि इससे छात्रों और रिसर्च करने वाले युवाओं को नया नज़रिया और ज्ञान मिलेगा।
आदिवासी समाज और महिला अधिकारों पर विशेषज्ञों की चर्चा
सेमिनार के अलग-अलग सत्रों में देश के बड़े प्रोफेसरों ने अपने विचार रखे। बीएचयू के प्रो. जयकांत तिवारी ने संताल परगना में जेंडर समानता (महिला-पुरुष समानता) और आदिवासी समाज के ताने-बाने पर बात की, वहीं वाराणसी के प्रो. ब्रजेश कुमार सिंह ने आदिवासी संस्कृति और उनकी पहचान से जुड़ी चुनौतियों को सामने रखा। इसके अलावा, डॉ. अच्युत चेतन ने भारतीय संविधान के निर्माण में महिलाओं की भूमिका और डॉ. सुजीत कुमार सोरेन ने दुनिया भर के महिला आंदोलनों पर विस्तार से चर्चा की। इस कार्यक्रम का संचालन डॉ. बिपिन कुमार, डॉ. पल्लवी कुमारी और डॉ. जेबा अनवर ने किया, जिसमें बड़ी संख्या में शिक्षक और छात्र-छात्राएं शामिल हुए।