द फॉलोअप डेस्क, रांची
झारखंड में छात्र आंदोलन और नियुक्तियों से जुड़े मामले पर हाईकोर्ट के स्टे के बाद सियासत तेज हो गई है। आदिवासी छात्र संघ ने भाजपा, RSS और कथित शिक्षा माफिया पर आंदोलन के राजनीतिकरण का आरोप लगाया है। आदिवासी छात्र संघ ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रों से आग्रह किया था कि भविष्य में न्यायपालिका में किसी तरह की बाधा न आए, इसके लिए एक लीगल कमेटी बनाई जाए, लेकिन आंदोलनकारी छात्रों ने इसे स्वीकार नहीं किया और परीक्षा रद्द करने की मांग पर अड़े रहे।
आदिवासी छात्र संघ ने कहा कि सरकार ने अंततः परीक्षा रद्द की जिसके बाद पीड़ित पक्ष हाईकोर्ट पहुंचा और अदालत ने मामले में स्टे ऑर्डर लगा दिया। संघ का कहना है कि अब मामला न्यायपालिका में है और सभी पक्षों को कोर्ट के फैसले का इंतजार करना चाहिए।
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भाजपा छात्रों के बहाने सत्ता हासिल करना चाहती है
आदिवासी छात्र संघ ने भाजपा, RSS और शिक्षा माफिया पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि इनकी मंशा अब स्पष्ट हो गई है। संघ ने कहा कि भाजपा छात्रों के बहाने इस राज्य की सत्ता प्राप्त करना चाहती है। साथ ही आरोप लगाया कि छात्रों के मुद्दे को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है।
संघ ने भाजपा पर छात्रों को उकसाने और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को बदनाम करने का भी आरोप लगाया। कहा कि यदि भाजपा को लगता है कि सरकार कोर्ट में अपना पक्ष सही तरीके से नहीं रख रही है, तो लोकतांत्रिक और कानूनी व्यवस्था में उसके पास न्यायपालिका का दरवाजा खुला है और वह मामले में इंटरवीनर बनकर अपना पक्ष रख सकती है।

न्यायपालिका पर भरोसा रखें
आदिवासी छात्र संघ ने कहा कि मामला जब कोर्ट में है तो अब सभी पक्षों को न्यायपालिका के फैसले का सम्मान करना चाहिए। संघ ने कहा, “हम लोकतंत्र और न्यायपालिका के साथ हैं और सरकार के साथ हैं। संघ ने आदिवासी मुख्यमंत्री के नाम पर कथित तौर पर गैर-संवैधानिक और लोकतांत्रिक मर्यादा के खिलाफ बयानबाजी का भी विरोध किया।

25 अगस्त को फिर होगी बैठक
आदिवासी छात्र संघ ने आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है। संघ के अनुसार, 25 अगस्त को दोपहर 12 बजे इसी स्थान पर फिर बैठक होगी। बैठक में न्यायपालिका के कथित अपमान को लेकर आगे की रणनीति तय की जाएगी। संघ ने कहा कि न्यायपालिका का अपमान करने वालों के खिलाफ FIR दर्ज होनी चाहिए।
साथ ही भाजपा और RSS को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर वे छात्र आंदोलन के बहाने राजनीतिक लाभ हासिल करने की कोशिश करेंगे तो इसका विरोध जारी रहेगा। संघ ने दावा किया कि झारखंड में हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार मजबूत है और भाजपा को सत्ता हासिल करने के लिए इस तरह की राजनीति बंद करनी चाहिए।