सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का अनशन अब 25वें दिन में प्रवेश कर गया है। उन्होंने अपना उपवास तोड़ने के लिए यह शर्त रखी है कि आंदोलनरत छात्रों पर और कोई बलप्रयोग नहीं किया जाए।
सीजेपी, कॉकरोचों के समर्थन में अनशन कर रहे पर्यावरण नेता सोनम वांगचुक को सरकारी अस्पताल से हटाकर मेदांता हॉस्पिटल में शिफ्ट किया जायेगा। ये जानकारी वांगचुक की पत्नी डॉ. गीतांजलि आंग्मो ने दी है।
दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स के लाठीचार्ज, टियर गैस और वाटर कैनन से खदेड़ दिए गये प्रदर्शनकारी छात्र दोबारा जंतर मंतर पर जुट गए हैं।
23 दिन से अनशन कर रहे सोनम वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल जारी रखने का फैसला किया है। सोनम वांगचुक ने कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से विरोध कर रहे युवाओं के साथ जिस तरह की क्रूरता और सख्ती बरती जा रही है, उसे देखते हुए मैंने उपवास जारी रखने का फैसला किया है।
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को शनिवार तड़के नई दिल्ली के जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया। वांगचुक पिछले 20 दिनों से अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थे, जो 21वें दिन में प्रवेश कर चुकी थी। उनकी बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को देखते
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