द फॉलोअप डेस्क:
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का अनशन अब 25वें दिन में प्रवेश कर गया है। उन्होंने अपना उपवास तोड़ने के लिए यह शर्त रखी है कि आंदोलनरत छात्रों पर और कोई बलप्रयोग नहीं किया जाए। छात्रों के खिलाफ मुकदमें ना दर्ज किए जाएं। उनको जेल या पुलिस का भय दिखाकर डराने की कोशिश ना की जाए। सोनम वांगचुक ने कहा कि यदि सरकार मुझे इस बात का आश्वासन देती है तो मैं अनशन तोड़ने को तैयार हूं, लेकिन आश्वासन नहीं मिलने पर बदकिस्मती से मैं उपवास जारी रखने को विवश रहूंगा। सोनम वांगचुक ने कहा कि 20 जुलाई को संसद मार्च को निकले छात्रों पर पुलिस की दमनात्मक कार्रवाई की वजह से ही उन्होंने अनशन जारी रखने का फैसला किया था।
गौरतलब है कि नीट पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और शिक्षा व्यवस्था में आमूल-चूल बदलाव की मांग को लेकर सोनम वांगचुक 28 जून से ही अनशन पर हैं।
ABHI BHI ZINDA HUN.... DAY 25 pic.twitter.com/SnwKXMfvOO
— Sonam Wangchuk (@Wangchuk66) July 22, 2026
सोनम वांगचुक का अनशन जारी रहेगा
सोनम वांगचुक ने कहा कि सत्ताधारी दल के मंत्री समेत विपक्ष के 65 सांसदों ने उनसे अपील की है कि वे अनशन खत्म करें और राष्ट्र सेवा में अपना योगदान दें। सोनम वांगचुक का कहना है कि उनको काम से बहुत प्यार है और वह अपने कार्यस्थल पर लौटना चाहते हैं, लेकिन मौजूदा गतिरोध के बीच वह ऐसा करने में सक्षम नहीं हैं। सोनम वांगचुक ने कहा कि पुलिस की बर्बर कार्रवाई और उकसावे के बीच भी छात्रों ने जिस प्रकार शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन किया, उससे वह बहुत अभिभूत हैं। सोनम वांगचुक ने आरोप लगाया कि संसद मार्च के दौरान अवांछित तत्वों को लाकर पत्थरबाजी के जरिये छात्रों को उकसाने की कोशिश की गई थी।

गुड़गांव के निजी अस्पताल में भर्ती हें सोनम
सोनम वांगचुक ने जानकारी दी है कि उनको सफरदगंज अस्पताल से गुड़गांव के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने बताया कि 25 दिन के अनशन में उनका 11 किलो वजन कम हो चुका है और काफी मात्रा में मांशपेशियों को भी नुकसान पहुंचा है। सोनम वांगचुक ने कहा कि कमजोरी है, लेकिन वह जिंदा हैं और आंदोलन को समर्थन करते रहेंगे। उन्होंने सरकार से छात्रों के खिलाफ बलप्रयोग नहीं करने की अपील की है।