द फॉलोअप डेस्क
सीजेपी, कॉकरोचों के समर्थन में अनशन कर रहे पर्यावरण नेता सोनम वांगचुक को सरकारी अस्पताल से हटाकर मेदांता हॉस्पिटल में शिफ्ट किया जायेगा। ये जानकारी वांगचुक की पत्नी डॉ. गीतांजलि आंग्मो ने दी है। साथ ही उन्होंने शुक्रिया कहा है। मीडिया से बात करते हुए एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की पत्नी, डॉ. गीतांजलि आंग्मो ने कहा, "मैं इस मामले को सही ढंग से सुलझाने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट का शुक्रिया अदा करती हूँ। भारत में, एक लोकतांत्रिक नागरिक को अपनी पसंद का डॉक्टर, अस्पताल और इलाज चुनने का अधिकार है। यहाँ, उन्हें जिस तरह से लाया गया था, उसके कारण हमें भरोसा नहीं हो रहा था। उन्हें अस्पताल में भर्ती करने की ज़रूरत नहीं थी, क्योंकि उनकी सेहत की निगरानी जंतर-मंतर पर भी की जा सकती थी। यह एक तरह की नज़रबंदी जैसा था ताकि वह बाहर के लोगों से संपर्क न कर सकें।

लोगों से मिलने से रोका गया
आंग्मो ने आगे कहा, उनकी सेहत से जुड़ी बातें जानलेवा नहीं हैं। सरकार से ज़्यादा चिंता हमें उनकी सेहत की है। सोनम ने अपना अनशन जारी रखने का फ़ैसला किया है, ताकि वे उन छात्रों के साथ एकजुटता दिखा सकें जिनकी कल पिटाई हुई थी। सफ़दरजंग अस्पताल आए कई सांसदों को उनसे मिलने नहीं दिया गया। डॉ. लांबा और डॉ. दिघे, जो पिछले 20 दिनों से उनका इलाज कर रहे थे, ने आज कोर्ट को बताया कि इलाज करने वाले डॉक्टर को भी मरीज़ से मिलने नहीं दिया जा रहा था। हमें उस अस्पताल में नज़रबंदी और कैद जैसा महसूस हुआ। लंच के बाद, एक लिखित आदेश दिया जाएगा, फिर हम उन्हें मेदांता ले जाएंगे।"
