कल देर रात डॉ राजकुमार को रिम्स के निदेशक पद से हटाए जाने के बाद राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गयी है। जदयू विधायक सरयू राय और स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया है।
राजधानी रांची में स्थित रिम्स अस्पताल में मेस संचालकों को लेकर प्रशासन ने सख्ती अपनाने का निर्णय लिया है।
राज्य के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स में पिछले एक से डेढ़ माह में कई नए नियम लागू किए गए हैं। लेकिन इसके बावजूद भी भ्रष्टाचार की समस्या वैसी ही बनी हुई है।
रिम्स के इमरजेंसी विभाग में बेड की लगातार कमी की समस्या बढ़ती जा रही है। खासकर ठंड के मौसम में रिम्स परिसर में मरीजों की संख्या में वृद्धि के कारण बेड की संख्या में कमी आयी है।
रिम्स परिसर में स्थित अमृत फार्मेसी में मरीजों को बाजार की तुलना में 60 फीसदी सस्ती दरों पर दवाएं और अन्य जरूरी चिकित्सा उपकरण मिल रहे हैं।
डॉ इरफान अंसारी के निरीक्षण के बाद ही रिम्स का हाल दोबारा पहले जैसा बेहाल हो गया। बता दें कि स्वास्थ्य मंत्री ने सेंट्रल इमरजेंसी फर्स्ट फ्लोर के जिस वार्ड में राउंड लिया, वहां भर्ती मरीजों को बेड लेने के लिए 1000-2000 रुपए देने पड़ते हैं।
झारखंड की राजधानी रांची में स्थित राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स के 7 डाक्टरों पर जानलेवा हमला किया गया है।
रिम्स अस्पताल से जिस नवजात बच्चे की चोरी हुई थी उसे बरामद कर लिया गया है। बच्चे को एक महिला ने चुराया था। पुलिस ने बच्चे को बरामद करते हुए महिला को गिरफ्तार कर लिया है।
रिम्स निदेशक डॉ राजकुमार ने अस्पताल के लापरवाह अफसरों और कर्मचारियों पर कार्रवाई के आदेश दिये हैं।
झारखंड के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स के छात्रों पर मारपीट का मामला दर्ज किया गया है। सड़क विवाद को लेकर रिम्स के छात्रों और वहां के कर्मियों ने 29 जुलाई को 3 लोगों से मारपीट की थी।
नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई की है। रांची के रिम्स हॉस्टल से फर्स्ट ईयर की एक स्टूडेंट सुरभि को सीबीआई ने गिरफ्तार किया है।
रांची के रिम्स में सेवा दे रहे अनुबंध कर्मियों को स्थाई किया जायेगा। रिम्स शासी परिषद की बैठक में स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता की मौजूदगी में कुल 37 को मंजूरी दी गयी।