झारखंड में इन दिनों पुलिस-प्रशासन की कर्येशैली को लेकर चर्चाएं तेज हैं। इसी बीच पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता केएन त्रिपाठी ने पुलिस-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। केएन त्रिपाठी ने विधायक जयराम महतो के बयान को गलत बताते हुए कहा कि अगर उनके श
पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता केएन त्रिपाठी ने प्रतियोगी परीक्षाओं की क्षेत्रीय/जनजातीय भाषा सूची से भोजपुरी, मगही और अंगिका को हटाने को लेकर अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। गढ़वा में आयोजित बैठक में उन्होंने हिंदी व इन भाषाओं के अभ्यर्थ
झारखंड मुक्ति मोर्चा की ओर से लोकसभा चुनाव 2024 के पहले रांची में उलगुलान रैली का आयोजन किया गया था। यह रैली बीजेपी के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए रखी गई थी।
केएन त्रिपाठी का नामांकन पत्र खारिज कर दिया गया है। कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए केएन त्रिपाठी का नाम खारिज हो गया है।
भाजपा के सांस्कृतिक प्रकोष्ठ से जुड़े लेखक दया प्रकाश सिन्हा के सम्राट अशोक की तुलना औरंगजेब से किए जाने पर पटना में गरम हुए सियासी तापमान की लपटें अब झारखंड तक पहुंच गई हैं। झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री के एन त्रिपाठी ने भारत सरकार से अविलंब कार्रवाई की
बंगाल चुनाव में बिजी नहीं होते पीएम तो नहीं होती ऑक्सीजन की किल्लत- केएन त्रिपाठी