पलामू
झारखंड में इन दिनों पुलिस-प्रशासन की कर्येशैली को लेकर चर्चाएं तेज हैं। इसी बीच पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता केएन त्रिपाठी ने पुलिस-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। केएन त्रिपाठी ने विधायक जयराम महतो के बयान को गलत बताते हुए कहा कि अगर उनके शब्द गलत थे तो कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन कार्रवाई केवल एक व्यक्ति पर क्यों होगा। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर पुलिस विभाग में गलती है, तो जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। त्रिपाठी ने पुलिस एसोसिएशन को लेकर भी बेहद गंभीर टिप्पणी की और इसे “जाल” तक करार दिया। उन्होंने कहा कि जयराम महतो के शब्द निश्चित तौर पर गलत थे और अगर उनके बयान से पुलिस विभाग या किसी वर्ग की भावनाएं आहत हुई हैं तो कानून के मुताबिक कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन इसी के साथ उन्होंने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए।
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पुलिस विभाग लोकतांत्रिक व्यवस्था का गलत तरीके से इस्तेमाल कर रहा
उनका कहना है कि अगर किसी व्यक्ति के बयान पर गिरफ्तारी हो सकती है, तो फिर पुलिस व्यवस्था में गलत तरीके से काम करने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई क्यों नहीं होनी चाहिए। उन्होंने यहां तक कहा कि राज्य के सभी थाना प्रभारियों को भी गिरफ्तार किया जाना चाहिए, ताकि सरकार और प्रशासन को यह पता चल सके कि पुलिस विभाग किस तरह काम कर रहा है। केएन त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि राज्य में पुलिस सिस्टम लोकतांत्रिक व्यवस्था का गलत तरीके से इस्तेमाल कर रहा है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि क्या कानून सिर्फ आम लोगों और नेताओं के लिए है। अगर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं, तो उसकी भी जांच और जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में पुलिस-प्रशासन को कानून के दायरे में रहकर काम करना चाहिए और किसी भी कार्रवाई में पारदर्शिता बेहद जरूरी है।
मेदिनीनगर पुलिस-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी कई सवाल खड़े किए
केएन त्रिपाठी ने डीजीपी की रिटायरमेंट को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि डीजीपी की सेवानिवृत्ति से जुड़े मामले में क्या प्रक्रिया अपनाई जा रही है, और इसके पीछे सरकार की नीति क्या है। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग के शीर्ष स्तर पर होने वाले फैसलों को लेकर भी जनता के सामने पारदर्शिता होनी चाहिए। वहीं केएन त्रिपाठी ने अपने क्षेत्र पलामू और खास तौर पर मेदिनीनगर पुलिस-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी कई सवाल खड़े किए। पूर्व मंत्री ने कहा कि स्थानीय स्तर पर पुलिस-प्रशासन की कार्यशैली को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। उनका आरोप है कि अगर प्रशासन की व्यवस्था सही तरीके से काम नहीं करेगी तो इसका सीधा असर आम जनता और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर पड़ेगा। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि पुलिस-प्रशासन की कार्यप्रणाली में सुधार होना चाहिए।

कांग्रेस को अपनी विचारधारा के साथ खड़ा रहना चाहिए
केएन त्रिपाठी ने अपने बयान में यहां तक कह दिया कि अगर पुलिस-प्रशासन की व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो पूरा पलामू बंद कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह किसी से डरने वाले नहीं हैं। उनका कहना है कि जनता के मुद्दे पर आवाज उठाना उनका अधिकार है और अगर प्रशासन अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं करता है तो वह आंदोलन का रास्ता अपनाने से पीछे नहीं हटेंगे। कांग्रेस नेता ने कहा कि अगर पुलिस-प्रशासन सही नहीं हुआ, तो पूरा पलामू बंद होगा। मुझे किसी से डर नहीं लगता। केएन त्रिपाठी ने कांग्रेस को लेकर भी स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपनी विचारधारा के साथ खड़ा रहना चाहिए और किसी भी गलत कार्य को रोकने के लिए आवाज उठानी चाहिए। उनके बयान में एक तरफ जहां पुलिस-प्रशासन के खिलाफ आक्रामक तेवर दिखाई दिए, वहीं दूसरी तरफ सहयोगी दल JMM के साथ कांग्रेस के रिश्ते को लेकर भी राजनीतिक सवाल खड़े होते नजर आए।