चंपई सरकार ने विधानसभा के विशेष सत्र में बहुमत साबित कर दिया है। अब इस सरकार की अगली चुनौती होगी मंत्रिमंडल का विस्तार। महागठबंधन के कई विधायकों को उम्मीद है कि इस बार उनको मंत्री पद दी जाएगी
धनबाद के गोल्फ ग्राउंड में आयोजित 52 जेएमएम स्थापना दिवस समारोह में शिबू सोरेन शामिल नहीं हो सके। इसका कारण उन्होंने बीमार होना बताया है।
राजधानी में जारी सियासी हलचल के बीच जेएमएम विधायक शिबू सोरेन से मिलने उनके आवास पर पहुंचे हैं। उन्होंने कहा है गुरु जी उनके लिए भगवान समान हैं।
कांग्रेस नेता आलमगीर आलम ने कहा है कि हेमंत सोरेन के इस्तीफे और उनकी गिरफ्तारी के बाद जेएमएम सरकार को 47 विधायकों को समर्थन प्राप्त है। जेएमएम सरकार को कोई खतरा नहीं है।
सोरेन परिवार की बड़ी बहू सीता सोरेन ने कल्पना सोरेन को मुख्यमंत्री मानने से इनकार कर दिया है। सीता सोरेन ने साफ शब्दों में कह दिया है कि यदि कल्पना सोरेन को मुख्यमंत्री बनाया जाता है तो यह मुझे अस्वीकार्य होगा।
सियासी गहमा-गहमी के बीच जेएमएम कार्यकर्ताओं का जमावड़ा राजधानी में हो रहा है। जेएमएम कार्यकर्ता राजधानी के चांदनी से मार्च करते हुए सीएम आवास की ओऱ बढ़ रहे हैं।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि हेमंत सोरेन को आदिवासी मुख्यमंत्री होने की वजह से परेशान किया जा रहा है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि उनको भी नहीं पता कि मुख्यमंत्री कहां हैं?
आक्रोश मार्च (Protest march) में हिस्सा लेने राज्यभर से पहुंचे JMM कार्यकर्ताओं ने कहा कि CM हेमंत सोरेन को ED मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रही है।
राजभवन पहुंचने से पहले ही उनको बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया गया है। बता दें कि जांच एजेंसियों द्वारा सीएम हेमंत सोरेन को परेशान किये जाने के खिलाफ आज JMM कार्यकर्ताओं का राजभवन के समक्ष धरना देने का कर्यक्रम था।
ईडी के द्वारा झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ की जा रही कार्रवाई के विरोध में झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए हैं।
बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे के झारखंड के अगले 7 दिन कष्टकारी होंगे वाली बयान पर झामुमो ने पलटवार किया है।
आज मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से ईडी पूछताछ करने वाली है। सीएम आवास से लेकर ईडी ऑफिस तक गहमागहमी है। चारों तरफ सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गये हैं। दूसरे राज्यों से झामुमो कार्यकर्ता मुख्यमंत्री आवास के बाहर पहुंचने लगे हैं।