'रांची विश्वविद्यालय में पत्रकारिता विभाग के 2018-20 बैच के गोल्ड मेडलिस्ट सौरव मुंडा अपनी पढ़ाई के लिए आर्थिक मदद की गुहार लगा रहे है। सौरव बुंडु के रहने वाले हैं। इसी साल उनका नामांकन देश में फिल्म-मेकिंग के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान फिल्म एंड टेलीविजन इं
'विवेकानन्द ने झल्लाकर कहा मारवाड़ी व्यापारियों से तुम्हें गायों की रक्षा के नाम पर धन मिलता है। तुम्हें मालूम है कि मध्य भारत भयंकर अकाल की चपेट में है।
''मेरे पास केवल एक यही एक साड़ी है जो मैंने पहन रखी है। आप ही बताओ, मैं कैसे इसे साफ करूं और इसे साफ करने के बाद मैं क्या पहनूंगी? आप महात्मा जी से कहो कि मुझे दूसरी साड़ी दिलवा दे ताकि मैं हर रोज इसे धो सकूं।"
पीएम मोदी अभी लौटे हैं, और अमेरिका अगले माह विदेश राज्यमंत्री विंडी शेरमन को दिल्ली भेज रहा है।
स्वामी विवेकानन्द पहले ऐसे विचारक हैं जिन्होंने बेलाग निश्चयात्मक भाषा में कहा था कि भविष्य में पहला शूद्र अर्थात् सर्वहारा राज्य रूस में स्थापित होगा।
"बापूजी, मुझे सिनेमा दिखा दीजिए।" गांधीजी हंसते हुए उत्तर देते तुम तीन दिनों तक रोज आठ घंटे रोटियां बेलकर दिखा दो तो चौथे दिन तुम्हें सिनेमा दिखा दूंगा।" और कई बार, उन्होंने तीन मील दूर, अमदाबाद शहर भेजकर, उसे सिनेमा दिखला भी दिया।
अलग-अलग देशों में कुल 48 सड़कों के नाम महात्मा गांधी के नाम पर हैं
हर संप्रदाय, जाति, प्रदेश, धर्म, राजनीतिक दल, आर्थिक व्यवस्था को उन्हें पूरी तौर पर अपनाने से परहेज है। उनके चेहरे की सलवटें अलग अलग तरह के लोगों के काम आ जाती हैं।
स्वामी विवेकानन्द की दुनिया और हिन्दुत्व-अकिंचन का उन्नयन
शहीद भगत सिंह ने ये चिट्ठी अपनी शहादत से बीस दिन पहले 3 मार्च 1931 को लिखी थी।
सांप्रदायिकता मुल्क के लिए कितनी खतरनाक है, शहीद भगत सिंह ने पंजाबी मासिक ‘किरती’ के जून, 1928 के अंक में छपे इस लेख में विशद ज़िक्र किया था।
शहीद भगत सिंह के विचारों को आज जानना क्यों है बेहद ज़रूरी