जामताड़ा सदर अस्पताल में कथित तौर पर इलाज में लापरवाही की वजह से गर्भवती महिला और शिशु की मौत हो गई। परिजनों ने विरोध में हंगामा और तोड़फोड़ किया।
जामताड़ा सदर अस्पताल एक बार फिर स्वास्थ्य व्यवस्था और इलाज में कथित लापरवाही को लेकर विवादों में आ गया है। जिले के अलग-अलग प्रखंडों से इलाज के लिए पहुंचे दो मरीजों की अस्पताल में मौत हो गई।
जहां एक तरफ गंभीर रूप से बीमार गरीब मरीज ज़मीन पर लेटने को मजबूर हैं, वहीं दूसरी तरफ उनकी तीमारदारी के लिए तैनात एक 'सहिया' मरीजों के हक के बेड पर कब्ज़ा जमाकर चैन की नींद सोती नजर आ रही है
जामताड़ा सदर अस्पताल में मरीज की पर्ची कटी, बेड तक मिला, लेकिन इलाज करने के लिए डॉक्टर गायब थे. एक गर्भवती आदिवासी महिला रातभर तड़पती रही. लेकिन उसकी तकलीफ को दूर करने के लिए डॉक्टर उपलब्ध नहीं थे. परिजनों ने आरोप लगाया कि रात में अस्पताल में एक भी महिला डॉ
जामताड़ा सदर अस्पताल में आज सुबह कथित चिकित्सकीय लापरवाही का मामला सामने आया है. जहां एक नवजात की जन्म से पहले ही मां के गर्भ में मौत हो गई. इसके बाद पीड़ित परिवार ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया और डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगा. इस मामले को लेकर नीलदाह
जामताड़ा जिले के सदर अस्पताल सहित कई सरकारी संस्थानों में अब चूल्हे बुझने की कगार पर हैं। मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध का असर अब सात समंदर पार सामान्य जनजीवन पर भी दिखने लगा है। युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति बाधित हुई है, जिसका