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बड़ी खबर : अमित अग्रवाल के खिलाफ सीबीआई ने दर्ज किया एफआईआर, हुई छापेमारी

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द फॉलोअप डेस्क
कोलकाता के कारोबारी के खिलाफ सीबीआई ने मामला दर्ज कर लिया है। झारखंड हाईकोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई की दिल्ली ब्रांच ने यह मामला दर्ज किया है। इसके बाद सीबीआई की टीम ने अमित अग्रवाल के कोलकाता और रांची के अलावा अन्य ठिकानों पर गुरुवार को छापेमारी भी की। बताते चलें कि अधिवक्ता राजीव कुमार द्वारा केस मैनेज करने के नाम पर 50 लाख रुपए रिश्वत लेने के मामले की जांच का निर्देश हाईकोट ने सीबीआई को दिया है। कोर्ट ने सीबीआई को 15 दिनों के अंदर रिपोर्ट देने कहा था। रिपोर्ट देने के बाद सीबीआई ने इस केस को टेकओवर कर लिया है।

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जानें दर्ज प्राथमिकी में क्या है
सीबीआई ने दर्ज किए गए प्राथमिकी में कहा है कि झारखंड हाईकोर्ट में अधिवक्ता राजीव कुमार के माध्यम से शिव शंकर शर्मा द्वारा दायर एक रिट याचिका से संबंधित मामला है। इस याचिका में आरोप लगाया गया है कि अमित अग्रवाल शेल कंपनियों के माध्यम से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के काले धन को सफेद कर रहे थे। वहीं, हेमंत सोरेन और पूर्व खनन सचिव पूजा सिंघल के खिलाफ मुख्यमंत्री द्वारा हासिल खनन पट्टे के संबंध में एक और रिट दायर की गई थी। अमित अग्रवाल ने तत्कालीन रांची डीसी के माध्यम से अधिवक्ता राजीव कुमार को कथित रूप से प्रभावित करने की भी कोशिश की। वहीं, कोलकाता के हरे स्ट्रीट थाने में अग्रवाल ने 31 जुलाई, 2022 को शिकायत दर्ज कराई है। जिसमें कहा गया है कि राजीव कुमार और शिव शंकर शर्मा जनहित याचिका को खारिज करवाने के लिए 10 करोड़ रुपये की रिश्वत मांग रहे हैं। वहीं, सीबीआई की ओर से दर्ज प्राथमिकी में कहा गया कि पूछताछ में पता चला कि अमित अग्रवाल द्वारा हरे स्ट्रीट थाने को दी गई जानकारी झूठी थी। न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने के इरादे से राजीव कुमार को रिश्वत दी गई थी। शिकायत में लगाए गए आरोप के विपरीत अमित अग्रवाल ने ही सोनू अग्रवाल के माध्यम से राजीव कुमार को कोलकाता बुलाया था और पैसे की पेशकश की थी

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सुप्रीम कोर्ट से मिली थी अंतरिम जमानत
मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कारोबारी अमित अग्रवाल को बीते 16 दिसंबर 2022 को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम राहत मिली थी। बताते चलें कि झारखंड हाइकोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद जेल में बंद अमित अग्रवाल की ओर से सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की गई थी। सुनवाई के दौरान उनके अधिवक्ता की ओर से अदालत को बताया गया था कि झारखंड हाइकोर्ट के एक अधिवक्ता के द्वारा रिश्वत मांगे जाने की शिकायत उन्होंने पुलिस से की थी। मगर इस के उल्टे ईडी ने मामला दर्ज करते हुए उन्हें ही गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, जिस अधिवक्ता को रिश्वत दी गई थी, उन्हें हाइकोर्ट से जमानत मिल गई है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट की ओर से अंतरिम राहत मिली थी। मालूम हो कि अमित अग्रवाल की शिकायत पर रिश्वत लेने के आरोप में अधिवक्ता राजीव कुमार को कोलकाता पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

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