द फॉलोअप डेस्क
पोर्टल में डाटा एंट्री कर देने से लोगों को लाभ नहीं मिल जाता है बल्कि जमीनी स्तर पर क्या कार्य हो रहे हैं उस पर नजर रखनी आवश्यक है। कई योजनाएं पोर्टल पर कुछ और दिखती है। लेकिन, जमीनी हकीकत कुछ और बयां करता है। रेवेन्यू जनरेट करने की जिम्मेदारी सरकार की है। रेवेन्यू जनरेट से संबंधित सभी कार्यों में तेजी लाएं। ये बातें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गुरूवार को झारखंड मंत्रालय में राज्य के विभिन्न जिलों के उपायुक्त, वरीय पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग दौरान समीक्षा बैठक में कही है। इस दौरान सीएम ने विधि-व्यवस्था, जोहार पोर्टल, मुख्यमंत्री सूखा राहत फंड वितरण, 'आपकी योजना-आपकी सरकार-आपके द्वार' के आवेदनों का निस्तारण, रेवेन्यू कलेक्शन, सुओ मोटो म्यूटेशन प्रणाली इत्यादि की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राज्य सरकार द्वारा संचालित सभी योजनाओं का लाभ आम आदमी तक हरहाल में पहुंचे यह सुनिश्चित करें। जिन योजनाओं का शिलान्यास हुआ है उन योजनाओं के कार्यों में तेजी लाएं। ऐसी योजनाओं का ससमय उद्घाटन हो इसी लक्ष्य के साथ आगे बढ़ें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विभिन्न जिलों में पहुंचकर योजनाओं की समीक्षा कर रही है। साथ ही कहा कि आगे भी समीक्षाएं होती रहेंगी। बैठक में मुख्यमंत्री ने विभागीय सचिवों को निर्देश दिया कि वे भी अब शेड्यूल बनाकर जिलों में जाएं तथा संचालित योजनाओं की समीक्षा करें। साथ ही कहा कि जरूरत पड़ने पर विभागीय सचिव जिलों में जाकर औचक निरीक्षण भी करें। जन उपयोगी योजनाओं की समीक्षा मुख्य सचिव भी अपने स्तर पर निरंतर करते रहें। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह इंप्लीमेंट का वर्ष है। हम सभी को ग्राउंड रियलिटी पर कार्य करने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिलों में योजनाओं के सुचारू क्रियान्वयन की जिम्मेदारी उपायुक्तों की है। मनरेगा, मुख्यमंत्री सूखा राहत योजना, छात्रवृत्ति वितरण इत्यादि कार्यों में तेजी लाने की जरूरत है। वहीं, उन्होंने कहा कि जिलों के उपायुक्त इन सभी कार्यों की निरंतर समीक्षा करें। साथ ही नोडल अधिकारियों को कर्तव्य बोध का एहसास दिलाते रहें।

सूखा राहत योजना के लाभुकों को 15 फरवरी 2023 तक करें भुगतान
इस दौरान सीएम हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि 15 फरवरी 2023 तक मुख्यमंत्री सूखा राहत योजना अंतर्गत वंचित पात्र लाभुकों को राशि का भुगतान हरहाल में करें। सीएम ने निर्देश दिया कि मुख्यमंत्री सूखा राहत योजना के अंतर्गत अतिरिक्त राशि 250 करोड़ रुपए झारखंड आकस्मिकता निधि (जेसीएफ) से शीघ्र उपलब्ध करायी जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत 29 दिसंबर 2022 को बड़ी संख्या में मुख्यमंत्री सूखा राहत योजना अंतर्गत आच्छादित पात्र लाभुक किसान परिवारों को राशि का भुगतान किया जा चुका है। लेकिन, वंचित किसान परिवारों को भी जल्द से जल्द सूखा राहत राशि का भुगतान कर दी जाए यह सुनिश्चित करें।

यह भी पढ़े: ईडी के अधिकार को हाईकोर्ट में झारखंड सरकार ने दी चुनौती
अवैध खनन नहीं हो यह करें सुनिश्चित
मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों के वरीय पुलिस अधीक्षक तथा पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में अवैध खनन नहीं हो चाहे वो कोयला का हो अथवा बालू या पत्थर का- ये सभी जिलों के एसपी सुनिश्चित करेंगे।
आम जनता की समस्याओं का करें निष्पादन
बैठक में सीएम ने पुलिस पदाधिकारियों तथा पुलिसकर्मियों को आम जनों के प्रति अधिक संवेदनशील रह कर कार्य करने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने एसटी/एससी अत्याचार निवारण अधिनियम अंतर्गत लंबित मामलों तथा साइबर ठगी से संबंधित मामलों को त्वरित निष्पादन का निर्देश भी दिया। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी आम जनता के साथ समन्वय स्थापित कर उनके समस्याओं का निष्पादन करें। राज्य के पुलिसकर्मी कुशल व्यवहार के साथ-साथ मृदुभाषी बनकर राज्य में विधि-व्यवस्था का पुख्ता संधारण सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि समस्या और शिकायत लेकर थानों में पहुंचे लोगों के साथ आत्मीयता से पेश आएं। आपकी वजह से उन्हें कोई परेशानी न हो इसका पूरा ख्याल रखें। किसी भी तरह से उनके साथ अनुशासनहीनता का परिचय न दें। बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कई और महत्त्वपूर्ण दिशा-निर्देश अधिकारियों को दिए।

बैठक में शामिल रहे अधिकारी
इस मौके पर राज्य के मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, पुलिस महानिदेशक नीरज सिन्हा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, कार्मिक विभाग की प्रधान सचिव वंदना दादेल, वित्त विभाग के प्रधान सचिव अजय कुमार सिंह, राजस्व तथा भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव केके सोन, वाणिज्य कर विभाग की प्रधान सचिव आराधना पटनायक, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, योजना सचिव अमिताभ कौशल, कृषि सचिव अबू बकर सिद्दीकी, आईटी सचिव विप्रा भाल, राजस्व तथा भूमि सुधार निदेशक उमाशंकर सिंह सहित अन्य वरीय पदाधिकारी मौजूद थे।
हमारे वाट्सअप ग्रुप से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें: