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अफसरों-कर्मियों की अनदेखी से बीएसबीएएवाई में रांची पिछड़ी, 21वें पायदान पर पहुंची

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द फॉलोअप डेस्क
बाबा साहब भीमराव अंबेडकर आवास योजना (बीएसबीएएवाई) का लक्ष्य पूरा करने में रांची जिला की रफ्तार बेहद सुस्त है। की स्थिति दयनीय है। पूरे राज्य में रांची 21वें पायदान पर पहुंच गई है। जबकि, पड़ोसी जिला खूंटी राज्य भर में पहले पायदान पर है। रांची से नीचे गढ़वा, गिरिडीह और पलामू जिला ही हैं। जबकि, खूंटी के अलावा पाकुड़, सिमडेगा और दुमका सहित सभी जिलों का प्रदर्शन रांची से बेहतर है। मतलब बीडीओ और ब्लॉक कार्डिनेटर सहित अन्य कर्मियों की लापरवाही के कारण रांची का प्रदर्शन गिर रहा है। बताते चलें कि झारखंड राज्य में 2016-17 से 2022-23 तक सभी जिलों को मिलाकर कुल 47855 लाभुकों को लाभ देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मगर अब तक निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध केवल 75 प्रतिशत आवास ही पूर्ण करवाया जा सका है।

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767 आवास कराए जाने हैं पूर्ण
राजधानी रांची में
2016-17 से 2022-23 तक में 2482 आवासों का लक्ष्य निर्धारित है। जिसके विरुद्ध अब तक मात्र 1715 आवास ही पूर्ण कराए गए हैं। 767 आवास अब भी पूर्ण कराए जानें हैं। 31 मार्च 2023 तक लक्ष्य को पूरा करने के लिए सभी आवास पूर्ण किए जाने हैं। मगर प्रखंड और पंचायत स्तर के आवास कर्मचारियों के कार्य में उदासीनता और लापरवाही को देखते हुए लक्ष्य पूरा होने की उम्मीद नहीं है। वैसे जिले में लगभग 189 ऐसे आवास हैं जो लिंटन स्तर से ऊपर कार्य हो चुके हैं। बताया जा रहा है कि कई ऐसे भी होंगे जो धरातल पर पूर्ण हो गए हों मगर आवास कर्मचारी उनतक नही पहुंच रहे हैं। जबकि, सभी लाभुकों को निर्धारित रकम  130000 के विरुद्ध 125000 का भुगतान हो चुका है।

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कांके प्रखंड की स्थिति सबसे खराब
बाबा साहब भीमराव अंबेडकर आवास योजना में रांची में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले प्रखंडों में पहले पायदान पर कांके प्रखंड है। यहां लक्ष्य के अनुसार 84 आवास पेंडिंग हैं। दूसरे नंबर पर नामकुम प्रखंड में 62 आवास का निर्माण अभी तक नहीं हुआ। वहीं, तीसरे नंबर पर तमाड़ में 56, सिल्ली में 52 और मांडर प्रखंड में 50 आवासों का निर्माण अभी तक नहीं हो पाया। वहीं, रांची में सबसे बेहतर प्रदर्शन खलारी प्रखंड का है। यहां महज 17 आवास ही पेंडिंग हैं।

किसे मिलता है योजना का लाभ
अंबेडकर आवास योजना के तहत विधवा महिला, आपदा से प्रभावित परिवार और आवास विहीन महिला को लाभ दिया जाता है। पीएम आवास योजना की तर्ज पर मनरेगा के तहत 95 दिन की मजदूरी भी लाभुक को दी जाती है। इसके अलावा 1.30 लाख रुपए तीन किश्त में लाभुक को उपलब्ध कराई जाती है। पहली किस्त में 40 हजार, दूसरी किस्त में 85 हजार और तीसरी किस्त में 5 हजार रुपए का भुगतान किया जाता है। बिना किसी बाधा के लाभुक आवास का निर्माण कर सकें इसके लिए राशि सीधे उनके खाते में भेजी जाती है।

 

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