दीपक झा/जामताड़ा
जामताड़ा जिले के करमाटांड़ प्रखंड के मट्टाड झिलुवा में आयोजित शिव शक्ति महायज्ञ इन दिनों श्रद्धा और उत्साह का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। गुरुवार देर शाम कार्यक्रम में उस समय खास रौनक देखने को मिली जब प्रसिद्ध भजन गायिका शहनाज अख्तर ने मंच संभाला। उनकी सुरीली आवाज और प्रस्तुति ने हजारों श्रद्धालुओं को देर रात तक भक्ति में डूबे रहने पर मजबूर कर दिया।

भक्ति गीतों से गूंजा पूरा पंडाल
जैसे ही शहनाज अख्तर ने माता रानी और भगवान शिव के जयकारों के साथ अपनी प्रस्तुति शुरू की, पूरा पंडाल भक्तिमय माहौल में डूब गया। ‘जय श्री राम’ और ‘हर-हर महादेव’ के नारों से वातावरण गूंज उठा। कार्यक्रम में मौजूद युवा, महिलाएं और बुजुर्ग सभी उनके भजनों पर झूमते नजर आए।

मंच से दिया अपनी पहचान पर बयान
कार्यक्रम के दौरान शहनाज अख्तर ने अपनी धार्मिक पहचान और विचारों को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि उनका जन्म भले ही मुस्लिम परिवार में हुआ हो, लेकिन उनकी आस्था सनातन धर्म में है। उन्होंने खुद को ‘कट्टर हिंदूवादी’ बताते हुए कहा कि वह लंबे समय से सनातन परंपराओं और मूल्यों का पालन कर रही हैं।

कट्टरपंथ पर टिप्पणी, सनातन का किया समर्थन
गायिका ने अपने संबोधन में समाज को बांटने वाली विचारधाराओं की आलोचना की और सनातन धर्म को प्रेम, संस्कार और मर्यादा का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि इस धर्म में महिलाओं को विशेष सम्मान मिलता है। उनके भजनों और विचारों ने कार्यक्रम को और भी खास बना दिया, वहीं आयोजन समिति ने भी उनकी प्रस्तुति की सराहना की।