द फॉलोअप डेस्क, रांचीः
सुप्रीम कोर्ट में आज झारखंड और उडीसा के डीजीपी की नियुक्ति से जुड़े मामलों की सुनवाई हुई। उड़ीसा के मामले में सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता उपस्थित हुए। अदालत के समक्ष सरकार का पक्ष रखते हुए प्रक्रिया और वरिष्ठता से जुड़े नियमों को स्पष्ट किया। वहीं, झारखंड में DGP नियुक्ति के मामले में आज होने वाली सुनवाई अब 29 सितंबर को होगी। अदालत के सामने प्रक्रिया की दलील देते हुए सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) को नामों की सिफारिश भेजने के मामले में राज्य सरकार पर कोई पाबंदी नहीं है। उन्होंने कहा, राज्य सरकारें UPSC को तीन से अधिक नाम भेज सकती हैं, ताकि आयोग के पास एक बेहतर और व्यापक विकल्प मौजूद रहे। चयन की प्रक्रिया पूरी तरह से केवल योग्यता पर आधारित होती है, इसमें केवल वरिष्ठता ही एकमात्र पैमाना नहीं है। हालांकि, इस मामले में हमने वरिष्ठता का भी ध्यान रखा है और किसी को भी नुकसान पहुंचाने या दरकिनार करने की कोई मंशा नहीं रही है. उन्होंने इस बात को साबित करने के लिए अदालत के समक्ष तारीखों का ब्योरा भी रखा।
