द फॉलोअप डेस्क, रांचीः
24 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में झारखंड के डीजीपी की नियुक्ति मामले में अहम सुनवाई होगी। झारखंड और उड़ीसा के मामले मंगलवार से सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी है। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में झारखंड के मामले में सुनवाई नहीं हो सकी। बुधवार झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्रा की नियुक्ति मामले में आंशिक सुनवाई हुई। राज्य सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने तर्क दिया कि डीजी रैंक में प्रोन्नत एक मात्र महिला अधिकारी को अवसर देने के लिए नियुक्ति नियमावली में संशोधन किया गया। सिब्बल ने बाबूलाल मरांडी की ओर से डीजीपी नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए सवाल का जवाब दे रहे थे। कपिल सिब्बल ने यह भी कहा कि वह कल न्याय मित्र की रिपोर्ट पर झारखंड सरकार का पक्ष रखेंगे।
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बुधवार को सुप्रीम कोर्ट की पहली पाली में उड़ीसा के मामले में सुनवाई हुई। उड़ीसा के आईपीएस अधिकारी सुशांत कुमार नाथ के Integrity Certificate पर सुनवाई हुई। झारखंड पर सुनवाई के दौरान बाबूलाल मरांडी के वकील ने डीजीपी की नियुक्ति में राज्य सरकार द्वारा मनमाना किए जाने का तथ्य पेश किया। यह भी कहा कि यूपीएससी के पैनल से नियुक्त डीजीपी को समय पूर्व पद से हटा दिया गया। अनुराग गुप्ता की भी डीजीपी नियुक्ति मामले में प्रकाश सिंह बनाम भारत सरकार मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन किया गया। जानकारों का मानना है कि 24 सितंबर को न्याय मित्र की रिपोर्ट पर राज्य सरकार का पक्ष रखे जाने के बाद सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला सुनाएगा। यह अहम हो सकता है।
