''आजादी की लड़ाई जिस तरह जीती गईं।उसी तरह स्त्री की आजादी की लड़ाई भी एक दिन लड़ी जाएगी। धीरे धीरे ही सही, नहीं सुधरा हमारा पुरुष प्रधान समाज तब।जानती हूं,इस लड़ाई के जीत के बाद, बलात्कारी घटनाएं कम होगी। स्त्री रोजगार बढ़ेंगे। बराबरी के हक की लड़ाई का एक
'गांधी जी ने स्वयं किसान आंदोलनों का सफल नेतृत्व किया। उनकी प्रेरणा से अनेक किसान आंदोलन प्रारंभ हुए और उनके मार्गदर्शन में कामयाब भी हुए। अहिंसा और सत्याग्रह इन किसान आंदोलनों के मूलाधार थे। अप्रैल 1917 का चंपारण सत्याग्रह विशेष रूप से उल्लेखनीय है क्यो
''जिस दिन हेमंत सोरेन ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, उसी रात कैबिनेट की पहली बैठक में निर्णय लिया गया कि पत्थलगड़ी समर्थकों के ऊपर से राजद्रोह का मुकदमा वापस लिया जाएगा। लेकिन सरकार के 13 महीने बीत जाने के बाद भी अब तक सरकार उन मुकदमों को वापस नहीं ले स
''''मूलभूत नागरिक सुविधाओं से वंचित असुर के गांव गढ़ाटोली और कोरवा गांव उमाटोली पहली बार पहुंचा मीडिया