रांची
राजधानी रांची के मांडर प्रखंड के सकरा में आयोजित 107वाँ जेठ जतरा सह कुड़ुख सांस्कृतिक कार्यक्रम में कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की शामिल हुई। जहां उन्होंने कहा कि जेठ जतरा हमारी समृद्ध आदिवासी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता का जीवंत प्रतीक है। शिल्पी नेहा तिर्की ने सरना समिति, सकरा (मांडर) के तत्वावधान में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि यह आयोजन हमारे पुरखों की अमूल्य धरोहर है। यह केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि हमारी पहचान, अस्मिता और सांस्कृतिक विरासत को संजोए रखने वाला एक पावन अवसर है, जो पीढ़ी दर पीढ़ी हमें अपनी जड़ों से जोड़े रखता है।

सांस्कृतिक मूल्य ही हमारी वास्तविक पहचान
विभिन्न गांवों से आए खोड़हा दलों द्वारा पारंपरिक वेशभूषा, ढोल-नगाड़ों, झंडों और लोकनृत्य के साथ प्रस्तुत की गई सांस्कृतिक झलकियां अत्यंत आकर्षक और प्रेरणादायक थीं। यह दृश्य हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का सजीव प्रदर्शन था, जिसने सभी को गौरव से भर दिया। उन्होंने आगे कहा कि हमारी प्राचीन परंपराएं और सांस्कृतिक मूल्य ही हमारी वास्तविक पहचान हैं। इन परंपराओं का संरक्षण और संवर्धन करना हम सभी का दायित्व है, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी अपनी संस्कृति पर गर्व कर सकें। कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए मंत्री ने सभी आयोजकों, कलाकारों एवं प्रतिभागियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष मांगा उरांव, प्रमुख फिलिप सहाय एक्का, बंधु टोप्पो, आजाद अंसारी, बिनोद, रामविलास उरांव सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।
