झारखंड की एक और बेटी खेल जगत में प्रदेश का नाम अग्रसर करने की ओर कदम बढ़ा चुकी है। बात हो रही है सीमंती कुमारी की जिन्होंने झारखंड एथलेटिक्स प्रशिक्षण केंद्र हजारीबाग में नामांकन के लिए होने वाली 400 मीटर की दौड़ में पूरे झारखंड में पहला स्थान प्राप्त किय
30 जून को पूरा झारखंड हूल दिवस के तौर पर मनाता है। इसी दिन भोगनाडीह गांव में हूल क्रांति का आगाज हुआ था। सिद्धो, कान्हू, चांद और भैरव ने इस दिन हूल क्रांति का बिगुल फूंका था। इसमें उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ी थीं उनकी दो बहनें फूलो और झानों भी। हूल
ग़ज़लों के बेहतरीन कंपोज़र और गायक भी इस बात से इत्तेफ़ाक़ रखते है कि हिंदी-फ़िल्म-संगीत में ग़ज़लों की कंपोज़ीशन मदन मोहन से बेहतर कोई नहीं कर सका।
'हसन निसार कहते हैं ये दवा और दूध में मिलावट करने वाले ,लोभ में किसी का गला काटने वाले हत्यारे, कम तौल वाले बेईमान इस्लाम की बात करते हैं?
'''50 के दौर की कुछ और 'म्यूज़िकली सुपरहिट' फिल्में थीं- 'नया दौर', 'न्यू डेल्ही',' काला-पानी', 'यहूदी',और 'हावड़ा ब्रिज' (1958)। 60 के दशक की कुछ मशहूर फिल्में जो मीनू बाबा की रिकॉर्डिंग का कमाल है।
'अताउल्ला खान का पूरा खेल एक गढ़ी गयी कहानी में छिपा है