झारखंड टैलेंट अवार्ड के दूसरे सीजन के पहले रांची ऑडिशन का आयोजन रहीमन फाउंडेशन ने किया था। इसी मंच के मार्फत महज़ आठ साल में कलर्स टीवी तक पहुंचे रांची के अमन राज ने डांस रियलिटी शो डांस दीवाने में लोगों का दिल जीता था।
मधुबन में राधिका नाचे...मोहम्मद रफी के स्वर में यह गीता साठ के दशक में बहुत मशहूर हुआ था। फिल्म थी, कोहिनूर। यह 1960 में आई थी। लेकिन आज भी गाना उतना ही लोकप्रिय है। इसका ही रिमिक्स आज विवाद के केंद्र में है।
'कहते हैं कि किसी चीज को शिद्दत से चाहो तो पूरी कायनात आपको उसे मिलाने में जुट जाती है।' रांची के कुछ बच्चों ने इसे जीवंत कर दिखाया है। इन युवाओं में मंयक बिम्बिसार टोप्पो(नगड़ा टोली), अमृता सृष्टि खलखो(कांटा टोली), अंकित डुंगडुंग (लोवाडीह), राजू तिर्की (
रांची की एक और प्रतिभा का जलवा जी टीवी पर बिखर रहा है। इनका नाम है, शगुन पाठक। यह गीत गाते हुए टीवी स्क्रीन पर नजर आ रहे हैं।
यह टीज़र एक मिनट 36 सेकंड का है। दर्शाक इसे लेकर काफी एक्साइटमेंट फील कर रहे हैं। अमिताभ बच्चन अपनी हर फिल्म में अलग अंदाज में नज़र आते हैं।
बीआर चोपड़ा द्वारा निर्देशित महाभारत में भीम की भूमिका निभाने वाले प्रसिद्ध अभिनेता प्रवीण कुमार सोबती (Praveen Kumar Sobti) का निधन हो गया। प्रवीण ने दिल्ली में अंतिम सांस ली। उनका अंतिम संस्कार पंजाबी बाग स्थित श्मशान घाट में किया जायेगा।
किसी भी संवेदनशील इंसान को संगीत से प्रेम होना लाजिमी है। संगीत की बात इसलिए क्योंकि हमने अभी सुर साम्राज्ञी लता मंगेशकर को खोया है। पांच दशक लंबे करियर में कई भाषाओं में हजारों गीत गाने वाली लता दीदी ने अपने पूरे जीवन में महज 2 बार स्कूल का मुंह देखा था।
झारखण्ड सदा से ही अपनी ख़निज सम्प्रदा और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए मशहूर रहा है। लेकिन अब झारखण्ड की बेटियां गलैमर दुनिया की ओर भी अपना कदम बढ़ा रही हैं। आये दिन ऐसी तमाम खबरें आती रहती हैं। इसी क्रम में झारखण्ड की बेटी स्मिता भावना की आई है।
ऐसी सुरीली आवाज़ जो हमारे सिनेमा की ही नहीं, हमारी सांस्कृतिक और राष्ट्रीय अस्मिता की आवाज़ रही। एक ऐसी आवाज़ जिसमें मंदिर की घंटियों और मस्जिद की अज़ान सी पाकीज़गी। ऐसी आवाज़ जो सदियों में कभी एक बार ही गूंजती है।
सुर कोकिला लता मंगेशकर आज शाम पंच तत्व में विलीन हो गईं। केंद्र सरकार ने उनके सम्मान में 06 फरवरी से दिनांक 07 फरवरी तक दो दिवसीय राजकीय शोक मनाने की घोषणा की है।
आज संगीत जगत के एक युग का अंत हो गया। अपनी सुरीली आवाज से दशकों तक लोगों के दिल पर राज करने वाली सुर-साम्राज्ञी लता मंगेशकर का निधन हो गया है। लता मंगेशकर का निधन मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में हुआ।
सुर कोकिला भारत रत्न लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) नहीं रहीं। मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में 6 फरवरी 2022 (रविवार) को उनका निधन हो गया। लता मंगेशकर को कोविड और निमोनिया की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। शनिवार को उनकी तबीयत बिगड़ गई थी।