रांची प्रेस क्लब और सिविल सोसायटी ऑर्गेनाइज़ेशन के प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड विधानसभा के स्पीकर रबीन्द्र नाथ महतो से मुलाकात की।
अखिल भारतीय भोजपुरी मगही मैथिली अंगिका मंच की बैठक रांची में हुई। जिसमें 24 जिलों में भोजपुरी, मगही, मैथिली और अंगिका को क्षेत्रीय भाषा में शामिल करने एवं नौकरियों के लिए व्यापक पैमाने पर जनांदोलन करने का निर्णय लिया गया।
कैंप रांची विश्वविद्यालय के दीक्षांत मंडप परिसर में लगेगा। इसका समापन आगामी 27 फरवरी को होगा। इस विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजन 19 झारखंड बटालियन एनसीसी की ओर से किया जा रहा है।
झारखंड में भाषा विवाद तमाम प्रयासों के बावजूद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस दिशा में राज्य के प्रबुद्ध लोगों ने कदम बढ़ाए हैं। जिसमें झारखंड के कई सामाजि और, सांस्कृतिक संगठन के प्रतिनिधि शामिल हैं। उनका मानना है कि भाषा विवाद का खात्मा खतियान आधारित स्था
आज रांची में बिरसा मुण्डा शिक्षण केन्द्र का उद्घाटन किया गया। केंद्र का संचालन रैनबॉ फाउन्डेशन इंडिया करेगा।
राष्ट्रीय युवा शक्ति की ओर से आज छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती मनाई गई। बूटी मोड़ स्थित शिवाजी महाराज की प्रतिमा के समक्ष दीप जलाकर उनकी वीरगाथा को नमन किया गया।
हेमंत सोरेन सरकार द्वारा धनबाद और बोकारो जिला के जिला स्तरीय परीक्षा सूची के क्षेत्रीय भाषा सूची से भोजपुरी और मगही को बाहर करना तथा उर्दू को झारखंड के 24 जिलों में बतौर क्षेत्रीय भाषा शामिल करने के निर्णय को भारतीय जनतंत्र मोर्चा के महासचिव आशीष शीतल मु
जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में कार्यरत संगठन लहू बोलेगा के नदीम खान की अगुवाई में रक्तदान से संबद्ध संगठनों के प्रतिनिधियों ने कांग्रेस भवन में स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता से मुलाकात की थी। प्रतिनिधिमंडल ने टीम एनआरएचसी,नामकुम में हुए कार्यक्रम में भी अपनी
कुछ माह पहले झारखंड राजद की सभी इकाइयों को भंग कर दिया गया था। लेकिन जब डोरंडा कोषागार मामले में पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद पिछले दिनों रांची पहुंचे तो प्रदेश कमेटी के गठन की संभावना को बल मिला। वहीं अध्यक्ष पद की दौड़ में मंत्री सत्यानंद भोक्ता और गोड्डा
जेपीएससी मामले को लेकर लगातार हुए आंदोलन के कारण चर्चा में आए युवा छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने झारखंड में बनी सरकारों पर आरोप लगाया है कि सातवीं से दसवीं जेपीएससी के संशोधित रिज़ल्ट जारी कर सरकार ने विवाद बढ़ाया है।
यह तस्वीर रांची स्थित राजभवन के दरबार हॉल की है। सूबे के राज्यपाल रमेश बैस युवाओं से घिरे हुए हैं। सभी के हाथ में एक प्रमाण पत्र दिख रहा है, जो उन्होंने थाम रखा है। वहीं सभी के चेहरे पर एक अनोखी गर्वाेक्ति है। ऐसा भला क्यों न हो। दरअसल सभी युवा राज्य के अ
आजसू पार्टी के केंद्रीय मुख्य प्रवक्ता डॉ. देवशरण भगत ने बताया कि झारखंड सरकार द्वारा स्थानीयता, नियोजन नीति एवं क्षेत्रीय भाषा को लेकर लिए गए निर्णय से राज्य के आदिवासी-मूलवासी में व्याप्त आक्रोश है। राज्य के विधायक एवं सांसद से मिलने का मकसद इस संबंध मे