कलकत्ता उच्च न्यायालय के अधिवक्ताओं ने कोलकाता की महिला डॉक्टर बलात्कार और हत्या की पीड़िता को न्याय दिलाने और आरोपियों को सजा देने की मांग को लेकर आज विरोध मार्च निकाला।
कोलकाता लेडी डॉक्टर रेप केस का मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई 20 अगस्त को होगी।
कोलकाता में लेडी डॉक्टर से रेप और फिर हत्या मामले में आज देशभर में प्रदर्शन की खबर है।
पश्चिम बंगाल में कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार को एक ट्रेनी डॉक्टर से दरिंदगी और फिर उसकी हत्या ने राज्य को हिलाकर रख दिया है।
एक दरिंदा आदमी लेडिज की आवाज में बात कर लड़कियों को फंसाता था और फिर उनको अपना शिकार बनाता था। मिली खबर के मुताबिक वो लड़कियों को उनकी टीचर बनकर फोन किया करता था।
दुकानदार ने मोबाइल से युवती की कुछ तस्वीरें निकाल ली और फिर उसे ब्लैकमेल करने लगा। बात यहां तक पहुंच गयी दुकानदार ने युवती का रेप भी करना शुरू कर दिया।
खूंटी जेल में बंद रेप पीड़िता ने अपना बयान बदल लिया है। वहीं जेल में गर्भपात कराने के दावे पर भी आरोपी की ओर से सवाल उठाये गये हैं।
एक मौलवी ने छात्रा के साथ पहले रेप किया फिर इसका वीडियो बना कर छात्रा को इसे वायरल करने की धमकी देकर बार-बार दरिंदगी करता रहा।
एक पति अपनी पत्नी से 20 वर्षों तक दूसरे मर्दों के साथ सेक्स कराता रहा। इनमें पीड़िता महिला का ससुर औऱ देवर भी शामिल हैं।
एक महिला के साथ उसका पड़ोसी एक माह तक लगातार रेप करता रहा। इस दौरान आरोपी युवक ने महिला को कई तरह से प्रताड़ित भी किया।
नाबालिग को शादी का झांसा देकर उसके साथ रेप करने के दोषी मुजरिम मिथुन बेदिया को 10 साल की कैद की सजा मिली है।
अब आभा पुलिस स्टेशन पहुंची। तीनों हैवानों के खिलाफ मामला दर्ज कराया। पुलिस आभा पर दबाव डालती है कि वो एक या दो लड़के का ही नाम ले, तीनों का नहीं । मतलब यह कि पुलिस चाहती थी कि मंत्री के रिश्तेदार को इन सबसे दूर रखा जाए।