झारखंड हाईकोर्ट ने शिक्षक, लेडी सुपरवाइजर और संविदाकर्मियों की नियुक्ति से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण फैसले सुनाए हैं। अदालत ने संस्कृत-उर्दू शिक्षकों की उम्मीदवारी खारिज करने का नोटिस रद्द किया, लेडी सुपरवाइजर भर्ती में 12 अभ्यर्थियों को राहत दी और एमटी
झारखंड हाईकोर्ट ने कोयला खान भविष्य निधि संगठन (CMPFO) को हुए 727.67 करोड़ रुपये के नुकसान के मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए इसकी जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंप दी है। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस मनोज प्रसाद की खंडपीठ ने धनबाद के कोल इंप्ल
JSSC-CGL समेत अन्य नियुक्ति परीक्षाओं को रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर झारखंड हाईकोर्ट में आज गुरुवार को फिर सुनवाई होगी। जस्टिस दीपक रोशन की अदालत में बुधवार को करीब साढ़े तीन घंटे तक इस मामले पर सुनवाई हुई थी।
झारखंड हाईकोर्ट ने वर्ष 2027 के लिए वार्षिक कैलेंडर जारी कर दिया है। हाईकोर्ट की वेबसाइट पर उपलब्ध कराए गए कैलेंडर में पूरे साल की छुट्टियों के साथ अदालत के कार्यदिवस, ग्रीष्मावकाश, विशेष कार्यदिवस और हाफ-डे की तारीखें निर्धारित की गई हैं।
झारखंड हाईकोर्ट ने JAP चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए सरकार को 8 सप्ताह में बकाया वेतन देने का निर्देश दिया। पढ़ें पूरी खबर।
केंद्र सरकार ने झारखंड सुपीरियर ज्यूडिशियल सर्विस कैडर के तीन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीशों (पीडीजे) को झारखंड हाईकोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया है। इन नियुक्तियों को लेकर केंद्र सरकार की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई है।
झारखंड हाईकोर्ट ने रांची के HEC इलाके के बाईपास रोड पर चल रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान पर कड़ी रोक लगा दी है
JPSC-JSSC की नियुक्तियों को रद्द करने के झारखंड सरकार के फैसले को रद्द करने का आदेश बरकरार रखते हुए हाईकोर्ट ने सख्त मौखिक टिप्पणी की।
झारखंड हाईकोर्ट में CDPO भर्ती प्रक्रिया को रद्द करने के साथ JPSC की अन्य परीक्षाओं के आधार पर हुई नियुक्तियों को निरस्त करने के राज्य सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई।
झारखंड हाईकोर्ट ने JPSC में लंबे समय से खाली पड़े अध्यक्ष और सदस्यों के पदों को लेकर राज्य सरकार को स्पष्ट निर्देश दिया है। चीफ जस्टिस एम.एस. सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने सरकार को कहा है कि अगले दो महीने के भीतर इन पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया
झारखंड हाईकोर्ट ने पत्रकारों की स्वतंत्रता और उनके अधिकारों से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि किसी पुलिस अधिकारी के आधिकारिक बयान के आधार पर समाचार प्रकाशित करने वाले रिपोर्टर को केवल खबर प्रकाशित करने के लिए आपराधिक रूप
रात के समय किसी महिला के घर में घुसकर उसके कपड़े उठाना या उसे पकड़ना भारतीय दंड संहिता की धारा 376/511 के तहत रेप का प्रयास नहीं माना जायेगा, जब तक इसके आगे रेप को अंजाम देने का कोई स्पष्ट या प्रत्यक्ष प्रयास नहीं किया गया है।