हूल दिवस पर देश के शीर्ष नेतृत्व ने संथाल हूल के अमर क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि देते हुए उनके साहस..
हूल दिवस के अवसर पर आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष देश महतो ने कहा कि हूल विद्रोह केवल एक जनआंदोलन नहीं था..
अंग्रेजी हुकूमत, जमींदारों के शोषण और अन्याय के खिलाफ 1855 की ऐतिहासिक हूल क्रांति का शंखनाद करने वाले अमर क्रांतिकारी शहीद सिदो-कान्हू, चांद-भैरव तथा वीरांगनाओं फूलो-झानो के बलिदान दिवस हूल दिवस के अवसर पर मंगलवार को आजसू पार्टी ने श्रद्धांजलि अर्पित कर
हूल दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने वीर शहीद सिद्धो-कान्हू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके बलिदान को याद किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वीर शहीद सिद्धो-कान्हू ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए अन्याय,
हूल दिवस के अवसर पर आजसू पार्टी ने परसुडीह स्थित सिदो-कान्हो चौक पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर इसे समर्पण दिवस के रूप में मनाया। इस मौके पर पूर्व मंत्री रामचंद्र सहिस ने कहा कि हूल दिवस को इस बार समर्पण दिवस के रूप में आजसू मना रहा है। राज्य सरक
हूल दिवस के अवसर पर सरायकेला-खरसावां जिले में स्वतंत्रता संग्राम के वीर शहीदों की स्मृति में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिला उपायुक्त नितिश कुमार सिंह एवं पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुणायत समेत विभिन्न विभागों के वरीय पदाधिकारियों द्
हूल दिवस के अवसर पर गिरिडीह परिसदन भवन में संथाल विद्रोह के महान सेनानियों सिद्धो-कान्हू की वीरता और बलिदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर झारखंड सरकार के मंत्री सुदीव्य कुमार, मुख्य सचिव अलका तिवारी, उपायुक्त गिरिडीह, पुलिस