मुंबई:
विकेटकीपर बल्लेबाज दिनेश कार्तिक का मानना है कि उनमें अभी भी क्रिकेट को लेकर आग बाकी है। वो टी20 फॉर्मेट में फिशिनर की भूमिका निभाना चाहते हैं। 36 वर्षीय दिनेश कार्तिक दोबारा टीम इंडिया के लिए खेलना चाहते हैं। उनको लगता है कि वो सीमित ओवर फॉर्मेट में फिशिनर की भूमिका निभा सकते हैं। गौरतलब है कि दिनेश कार्तिक ने समाचार एजेंसी एएनआई के साथ विस्तृत बातचीत को लेकर अपनी भविष्य की योजनाओं के बारे में खुलकर कहा है।

अंतर्राष्ट्रीय मुकाबले में कमेंट्री भी की
गौरतलब है कि हालिया कई अंतर्राष्ट्रीय सीरीज के दौरान दिनेश कार्तिक कमेंट्री करते नजर आए थे। इस दौरान दिनेश कार्तिक ने कहा कि कमेंट्री करने से उनको क्रिकेट को बाहर से भी समझने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि मैं देश के लिए दोबारा खेलना चाहता हूं। कहा कि इसके लिए जो करना पड़ेगा मैं करने के लिए तैयार हूं। उन्होंने कहा कि टीम इंडिया के लिए दोबारा खेलना ही मेरा लक्ष्य है। मैं इसके लिए अभ्यास कर रहा हूं। ट्रेनिंग कर रहा हूं। अपनी फिटनेस के लिए काम कर रहा हूं। दिनेश कार्तिक ने कहा कि अगले 3 साल मेरे लिए काफी अहम है।
टी20 में खेलना चाहते हैं दिनेश कार्तिक
दिनेश कार्तिक ने कहा कि मैं क्रिकेट को काफी एंजॉय कर रहा हूं। यही वजह है कि मैंने जाकर सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी और विजय हजारे ट्रॉफी खेली। उन्होंने कहा कि इन टूर्नामेंट्स में तमिलनाडु ने जिस तरह का प्रदर्शन किया और जो कामयाबी मिली वो अद्भुत है। दिनेश कार्तिक ने कहा कि मैं खुद को भाग्यशाली मानता हूं कि मैं उस जर्नी का हिस्सा बन सका। उन्होंने कहा कि मेरा अगला लक्ष्य टीम इंडिया के लिए दोबारा खेलना चाहता हूं। विशेष तौर पर टी20 फॉर्मेट में खेलना मेरा लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि टी20 विश्व कप के दौरान मैंने महसूस किया कि टीम इंडिया को एक फिशिनर की जरूरत है। मैं वो भूमिका निभाने के लिए तैयार हूं। मैं फिशिनर की भूमिका निभा सकता हूं।

2004 में हुआ था दिनेश कार्तिक का डेब्यू
गौरतलब है कि दिनेश कार्तिक ने साल 2004 में टीम इंडिया के लिए डेब्यू किया था। हालांकि, वो उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके और फिर धोनी आये। महेंद्र सिंह धोनी ने अपनी निरंतरता की बदौलत टीम इंडिया में जगह पक्की की और कप्तान बने। दिनेश कार्तिक इस दरम्यान अंदर-बाहर होते रहे। जहां तक बात टीम20 फॉर्मेट की है तो दिनेश कार्तिक ने टीम इंडिया के लिए 32 मुकाबले खेले हैं। निदहास ट्रॉफी फाइनल में खेली गई 8 गेंदों में 29 रन की पारी सबसे खास है।