द फॉलोअप टीम, धनबाद:
झारखंड में लोक संस्कृति के रंग निराले हैं। धर्मिक पूजा-पाठ का अंदाज भी जुदा है। बसंत के इस मौसम में विद्या की देवी सरस्वती की पूजा भी अलग ही ढंग से करने की परंपरा रही है। राज्य में ऐसी ही एक जगह है, धनबाद, पूर्वी टुंडी प्रखंड का बलारडीह गांव। सैकड़ों वर्षों से यहां सरस्वती पूजा के अवसर पर मां सरस्वती के तीन रूपों की पूजा होती आ रही है।
सैकड़ों सालों से होती आ रही पूजा
ग्रामीण बताते हैं कि उनके गांव की सरस्वती पूजा का विशेष महत्व है। यहां के मंदिर में सैकड़ों वर्षों से पीढ़ी दर पीढ़ी मां के तीन रूपों की पूजा होती आ रही है। निमाई मंडल चौथी पीढ़ी के सदस्य हैं। उनका कहना है कि दूसरे स्थानों की प्रतिमाओं से उनके यहां की प्रतिमा काफी अलग होती है। मां सरस्वती के साथ साथ माता लक्ष्मी एवं माता पार्वती की भी पूजा की जाती है।