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खस्ता-हाल हैं भारतीय जेल! क्षमता 4,03,739 की जबकि ठूंसे गए हैं 4,78,600 कैदी

खस्ता-हाल हैं भारतीय जेल! क्षमता 4,03,739 की जबकि ठूंसे गए हैं 4,78,600 कैदी

द फॉलोअप टीम, डेस्क: 

भारतीय जेलों में अव्यवस्था, कुव्यवस्था, भ्रष्टाचार और अनियमितता की शिकायत कोई नई बात नहीं है। इसका कारण तलाशने की हर बार कोशिश की जाती है लेकिन कोई भी ठोस नतीजा नहीं निकलता। इस बीच राज्यसभा में चिंता पैदा करने वाली जानकारी दी गई है। इस जानकारी से ये भी समझ आएगा कि आखिर यहां अव्यवस्था क्यों होती है। 

जेलों में क्षमता से ज्यादा कैदियों को रखा गया
गृह मंत्रालय की तरफ से राज्यसभा में बताया गया कि भारतीय जेलों की क्षमता क्या है। वहां वास्तविकता क्या है। ये आंकड़ा कब तक का है। गृहमंत्रालय ने राज्यसभा में बताया कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के मुताबिक भारतीय जेलों में कैदियों को रखने की क्षमता 4 लाख 3 हजार 739 हैं, जबकि वास्तविकता में यहां 4 लाख 78 हजार 600 कैदी बंद हैं। आंकड़ा देख कर आप सहज ही अंदाजा लगा सकते हैं कि वहां क्या स्थिति होगी। 

क्षमता से ज्यादा कैदी सुरक्षा के लिहाज से खतरा
गौरतलब है कि भारतीय जेलों में अक्सर गुटबाजी की खबरें सामने आती है। अंदर ही गैंग बन जाते हैं। हथियार तक की सप्लाई की जाती है। नशे का कारोबार जेलों में किया जाता है। हाल ही में कुछ महीने पहले बिहार की कई जेलों में छापेमारी की गई थी। बहुत सारा आपत्तिजनक सामान मिला था। कैदियों को अमानवीय परिस्थितियों में रखने की खबर भी सामने आती है। सार्वजनिक बैरकों में कैदियों को करवट बदलने तक की जगह नहीं मिलती। इसका कारण यही है कि जेलों में क्षमता से ज्यादा कैदी रखे जाते हैं। कई बार तो कई कैदियों की सजा भी पूरी हो जाती है लेकिन कागजी प्रक्रिया में देरी, मदद के अभाव की वजह से वो जेलों से नहीं निकल पाते। 

31 दिसंबर 2019 तक का आंकड़ा पेश किया गया
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जो आंकड़ा बताया है वो 31 दिसंबर 2019 तक तक का है। इस संख्या से सरकार को ये जरूर सोचने पर मजबूर होना चाहिए कि आगे क्या किया जाना चाहिए। कैसे जेलों में क्षमता से ज्यादा कैदी रखने की समस्या से निजात पाया जाना चाहिए। बड़ी संख्या के लिए सुरक्षा के प्रति अधिक कार्यबल भी चाहिए। इसका भी ध्यान रखना होगा। कई बार जेलों में गैंगवार की सूचना आती है। इतनी बड़ी संख्या को कंट्रोल करना मुश्किल होता है।