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हौसले में दम: टोक्यो पैरालिंपिक में स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक तक पहुंचने वाले सितारे

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द फॉलोअप टीम, रांची:

यह पैरालंपिक खेलों में भारत के लिए अब तक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन था । 2016 के रियो पैरालिंपिक खेलों में भारत ने चार पदक जीते थे, लेकिन इसके करीब पांच गुने पदक भारतीय खिलाड़ियों ने जीते हैं। यह वे सितारे हैं, जिन्‍होंने अपनी जिस्‍मानी कमी को ताकत बनाया और हौसले की नई इबारत लिखी। यही सबब है कि जब ये खिलाड़ी देश का मान बढ़ाकर देश पहुंचेतो उनका भव्य स्वागत किया गया। टोक्यो पैरालिंपिक खेलों में भारत के दो एथलीट ऐसे रहे हैं, जिन्होंने दो-दो पदक अपने नाम किए हैं। इनमें शूटर अवनि लेखरा है, जिन्होंने निशानेबाजी की अलग-अलग प्रतियोगिताओं में गोल्ड और ब्रांज मेडल जीता है, जबकि पुरुष निशानेबाज सिंघराज अधाना ने भी दो पदक अपने नाम किए हैं, जिनमें एक सिल्वर मेडल और एक ब्रांज मेडल शामिल है। अवनि के अलावा सुमित अंतिल, मनीष नरवाल, प्रमोद भगत और कृष्णा नगर ने गोल्ड मेडल जीता है।


 

स्‍वर्ण पदक विजेता:

अवनि लेखरा (वुमेंस 10 मीटर एयर राइफल शूटिंग स्टैंडिंग एसएच1)
अवनी लेखरा ने साल 2021 में टोक्यो में आयोजित पैरालंपिक में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। अवनी लेखरा पैरालंपिक स्वर्ण पदक जीतने वाली भारत की पहली महिला खिलाड़ी हैं।  अवनी लेखरा ने साल 2015 में राष्ट्रीय पैरालंपिक शूटिग चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता।  अवनी लेखरा पांच बार राष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। 

 

सुमित अंतिल (मेंस जेवलिन थ्रो एफ64)
टोक्यो पैरालंपिक में सुमित अंतिल ने  जैवलीन थ्रो में गोल्ड मेडल जीता है। इस दौरान सुमित अंतिल ने पहले ही प्रयास में अपना ही विश्व रिकॉर्ड  तोड़ा। उन्होंने पहले प्रयास में 66.95 मीटर तक भाला फेंका। 

 

मनीष नरवाल (पी4 मिक्स्ड 50 मीटर पिस्टल एसएच1)
टोक्यो पैरालंपिक में निशानेबाजी में स्वर्ण पदक जीतने वाले मनीष नरवाल के पिता के पास उन्हें पिस्टल दिलाने के लिए पैसे नहीं थे। उनके पिता ने घर बेचकर उन्हें पिस्तौल दिलाई थी। मनीष पहले फुटबॉल खेलते थे लेकिन एक बार चोट लग जाने के बाद उनके माता-पिता ने यह खेल छुड़वा दिया।

 

प्रमोद भगत (बैडमिंटन मेंस सिंगल्स एसएल3)
इस साल पैरालिंपिक में पहली बार खेले जा रहे बैडमिंटन में प्रमोद भगत ने गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। ब्रिटेन के डेनियल बेथेल को उन्होंने फाइनल में एकतरफा अंदाज में हराया। 21-14 से पहला गेम जीतने के बाद दूसरे गेम में ब्रिटिश शटलर ने वापसी की, लेकिन 4-11 से पिछड़ने के बाद प्रमोद ने पलटवार किया और 21-17 से मैच अपने नाम कर लिया।

 

कृष्णा नागर (बैडमिंटन मेंस सिंगल्स एसएच6)
टोक्यो पैरालंपिक में कृष्णा नागर ने गोल्ड मेडल जीत इतिहास रच दिया।  एसएल6 क्लास फाइनल में कृष्णा नागर ने हांगकांग के चु मान केइ 21-17, 16-21, 21-17 को हराया।  टोक्यो पैरालंपिकमें बैडमिंटन में यह भारत का चौथा पदक है।  टोक्यो पैरालंपिक में यह भारत का 5वां गोल्ड है।  

 

रजत पदक विजेता:
भाविनाबेन पटेल (वुमेंस सिंगल्स टेबल टेनिस - क्लास 4)
पैरालंपिक में भारत के लिए टेबल टेनिस के क्षेत्र से अच्‍छी खबर आई।  एथलीट भावनाबेन पटेल ने महिला एकल क्लास 4 के नॉकआउट दौर में अपनी जगह पक्‍की कर ली।  भाविनाबेल ने ग्रेट ब्रिटेन की मेगान शैकलटन पर 3-1 से हराकर यह उपलब्धि हासिल की।

 

 

निशाद कुमार (मेंस हाई जंप टी47)
पैरालिंपिक में देश के लिए मेडल जीतने वाले निषाद कुमार का सेक्टर-10 स्थित डीएवी कॉलेज में भव्य स्वागत हुआ। शहरवासियों ने उन्हें पलकों पर बिठाया और उनकी जीते के लिए बधाई दी। बता दें कि निषाद कुमार डीएवी कॉलेज के पूर्व छात्र हैं।

 

देवेंद्र झाझरिया (मेंस जेवलिन थ्रो एफ46)
 दो बार के स्वर्ण पदक विजेता देवेंद्र झाझरिया ने सोमवार को एफ46 वर्ग में 64.35 मीटर भाला फेंककर टोक्यो में सिल्वर मेडल जीता। एथेंस (2004) और रियो (2016) में स्वर्ण पदक जीतने वाले 40 वर्षीय झाझरिया ने इस दौरान अपना पिछला रिकॉर्ड भी तोड़ा। झाझरिया के पहले 63.97 मीटर के साथ विश्व रिकॉर्ड दर्ज था।

 

योगेश काथुनिया (मेंस डिस्कस थ्रो एफ56)
कठुनिया ने 44.43 मीटर की दूरी तक चक्का फेंककर भारत को टोक्यो पैरालंपिक का उसका चौथा मेडल दिलाया। योगेश कठुनिया हरियाणा के बहादुरगढ़ के रहने वाले हैं।  इस से पहले भारत के एथलीटों ने कल दो सिल्वर मेडल अपने नाम किए थे। 

 

सिंघराज अधाना (पी4 मिक्स्ड 50मीटर पिस्टल एसएच1)
फरीदाबाद  टोक्यो पैरालंपिक में फरीदाबाद के तिगांव निवासी सिंहराज अधाना ने 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा एसएच-1 के फाइनल मुकाबले में कांस्य पदक जीतने के बाद शनिवार को 50 मीटर पिस्टल स्पर्धा एसएच-1 में रजत पदक जीता है। इससे सिंहराज ने एक बार फिर पूरे देश को गौरवांवित किया है।

 

मरियप्पन थंगावेलु (मेंस हाई जंप टी63)
मरियप्पन थान्गावेलु (जन्म 28 जून 1995) दक्षिण भारतीय उच्च जम्पर (हाई जंपर) हैं। रियो डी जनेरियो में आयोजित 2016 ग्रीष्मकालीन पैरालम्पिक खेलों में स्वर्ण पदक जीता।

 

प्रवीण कुमार (मेंस हाई जंप टी64)
टोक्यो पैरालंपिक 2020 में भारत (India) का शानदार प्रदर्शन जारी है।  शुक्रवार को भी भारत के नाम एक और सिल्वर मेडल आया. नोएडा के रहने वाले प्रवीण कुमार ने पुरुष हाई जंप मुकाबले में सिल्वर मेडल अपने नाम किया। प्रवीण कुमार ने कुल 2.07 मीटर की जंप लगाई और दूसरे नंबर पर रहे।  

 

सुहास एल यतिराज (बैडमिंटन मेंस सिंगल्स एसएल4)
टोक्यो पैरालिंपिक में इतिहास रचते हुए बैडमिंटन खिलाड़ी और गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी सुहास एल यथिराज ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया है। वह ऐसा करने वाले देश के पहले भारतीय प्रशासनिक अधिकारी बन गए हैं।

 

कांस्य पदक विजेता:

सुंदर सिंह गुर्जर (मेंस जेवलिन थ्रो एफ46)
राजस्थान के रहने वाले गुर्जर ने 2017 और 2019 विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीते थे. उन्होंने जकार्ता पैरा एशियाई खेल 2018 में रजत पदक जीता था।  सुंदर सिंह गुर्जर का जन्म राजस्थान के करौली जिले में हुआ।  जब वे छोटे थे तो पढ़ाई में उनकी जी नहीं लगता था। 

 

सिंघराज अधाना (मेंस 10 मीटर एयर पिस्टल शूटिंग एसएच1)
टोक्यो पैरालंपिक में 10 मीटर एयर पिस्टल SH 1 इवेंट में भारतीय निशानेबाज सिंहराज अधाना ने ब्रॉन्ज मेडल जीतने में सफलता हासिल की। सिंहराज अधाना ने मंगलवार को फाइनल में 216.8 का स्कोर किया। इसके साथ ही इंडिया को शूटिंग में यह दूसरा मेडल हासिल हुआ है। 

 

शरद कुमार (मेंस हाई जंप टी63)
शरद कुमार एक पूर्व भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी हैं, वे भारत के केन्द्रीय सतर्कता आयुक्त हैं तथा पूर्व राष्ट्रीय जांच एजेंसी के महानिदेशक थे। सेवानिवृत्ति पर एक वर्ष की अवधि के लिए उन्हें उसी पद पर अनुबंधित किया गया था। एक ठेकेदार के रूप में वह आल इंडिया सर्विस के नियम मानदंडो के बाध्य नहीं हैं।


 
हरविंदर सिंह (मेंस इंडिविजुअल रिकर्व आर्चरी)
हरविंदर सिंह ने कोरियाई शूटर को शूट ऑफ में 6-5 से पीछे छोड़ा और मेडल अपने नाम कर लिया।  उन्होंने जर्मनी (Germany) के मैक स्जार्सजेव्स्की को 6-2 से हराकर इस इवेंट के सेमीफाइनल में जगह बनाई थी।  इसके बाद फाइनल में उन्होंने शूटऑफ में जीत दर्ज की। 

 

मनोज सरकार (बैडमिंटन मेंस सिंगल्स एसएल3)
पैरा बैडमिंटन खेल की एसएल-3 श्रेणी के सेमीफाइनल मुकाबले में उत्तराखंड के मनोज सरकार को यूके (ग्रेट ब्रिटेन) के डेनियल बेथल ने बुरी तरीके से हरा दिया। इसके बाद मनोज सरकार ने कांस्य पदक के लिए जापान के देयसुख से मुकाबला किया।