द फॉलोअप टीम, दिल्ली:
टोक्यो पैरालंपिक्स 2020 से भारत के लिए बुरी खबर सामने आ रही है। डिस्कस थ्रो के क्लास एफ-52 कैटेगरी में सोमवार को कांस्य पदक जीतने वाले विनोद कुमार को अयोग्य घोषित कर दिया गया है। टोक्यो पैरालंपिक तकनीकी समिति के प्रतिनिधियों ने ये फैसला किया है। इस फैसले की वजह से भारत के पदकों की संख्या अब 6 रह गई है।
डिस्कस थ्रो में जीता था कांस्य पदक
गौरतलब है कि विनोद कुमार ने सोमवार को कांस्य पदक जीता था। मंगलवार को टोक्यो पैरालंपिक तकनीकी समिति के प्रतिनिधियों ने कहा कि विनोद कुमार डिस्कस थ्रोइंग क्लास एफ-52 कैटेगरी के मानकों पर खरा नहीं उतरते। समिति ने फैसला किया कि विनोद कुमार से उनका कांस्य पदक वापस लिया जायेगा। ये खबर भारत के लिए निराशाजनक है।
पैरालंपिक तकनीकी समिति का फैसला
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पैरालंपिक तकनीकी समिति द्वारा लिए गए इस फैसले से पहले भारत को कुल सात पदक मिले थे। भारतीय पैरा खिलाड़ियों ने 1 गोल्ड, 4 रजत और 2 कांस्य पदक मिलाकर कुल सात पदक जीते थे लेकिन विनोद कुमार का कांस्य पदक वापस लिए जाने के बाद पदकों की संख्या छह रह गयी है। विनोद कुमार के लिए मुश्किल वक्त है।
पदकों की संख्या अब छह रह गयी है
गौरतलब है कि भारत के लिए अवनी लखेरा ने निशानेबाजी में गोल्ड, भविनाबेन पटेल ने टेबल टेनिस में रजत, देवेंद्र झाझरिया ने जेवलीन में रजत, योगेश कुथनिया ने डिस्कस थ्रो मे रजत, निषाद कुमार ने हाई जंप में रजत और सुंदर सिंह गुर्जर ने जेवलीन थ्रो में कांस्य जीता था। डिस्कस थ्रो में विनोद कुमार को कांस्य मिला था लेकिन वे डिस्क्वॉलीफाई घोषित किये गये।