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15वें वित्त आयोग के कर्मियों की चेतावनी! 3 दिन में नियुक्ति पर निर्णय ले सरकार नहीं तो होगा आंदोलन

15वें वित्त आयोग के कर्मियों की चेतावनी! 3 दिन में नियुक्ति पर निर्णय ले सरकार नहीं तो होगा आंदोलन
द फॉलोअप टीम, रांची:

झारखण्ड में 15 वें वित्त आयोग के तहत नियुक्त कर्मी जिनका अनुबंध ख़त्म कर दिया गया वे एक बार फिर आंदोलन के मूड में लग रहे हैं। आपको याद होगा कि कुछ महीने पहले रांची के बिरसा चौक पर कई दिनों तक इनका आंदोलन चला था।  ग्रामीण विकास मंत्री के साथ वार्ता होने के बाद इनका आंदोलन समाप्त हुआ था। अब अपनी नियुक्ति की मांग को लेकर फिर ये कर्मी आंदोलन के मूड में दिख रहे हैं। 

मंत्री के आश्वासन के बाद भी नहीं मिला कुछ
15वें वित्त में संविदा आधारित कनीय अभियंता तथा लेखा लिपिक सह कंप्यूटर ऑपरेटर संघ के लोगों ने जानकारी देते हुए बताया कि नियुक्ति प्रक्रिया संपन्न कर 15 जुलाई तक योगदान कराने का आश्वासन माननीय विभागीय मंत्री आलमगीर आलम द्वारा दिया गया था लेकिन विभाग की सुस्त रवैया के कारण 15 जुलाई तक नियुक्ति प्रक्रिया पूर्ण होना अब संभव प्रतीत नहीं होता है। 

बीते 3 माह से मामला टाल रही है सरकार
संघ के लोगों ने जानकारी देते हुए बताया कि 100 में 90 नंबर के आधार पर जिलों में मेरिट तैयार है सिर्फ 10 नंबर की परीक्षा का बहाना बना कर पिछले 3 माह से सरकार इसको टालते आ रही है। जबकि मैट्रिक/इंटर सहित कई प्रतियोगी परीक्षाओं को रद्द कर वैकल्पिक व्यवस्था पर सरकार काम कर रही है। केंद्र सरकार और पड़ोसी राज्य बिहार में भी कई प्रतियोगी परीक्षाओं का डेट निकल चुका है परंतु झारखंड सरकार उदासीन है। 15वें वित्त की नियुक्ति कोरोना महामारी को देखते हुए मेरिट पर किया जा सकता था परंतु इस पर भी पहल नहीं हुआ है।

संघ ने जोरदार आंदोलन की चेतावनी दी
सरकार से 14 वें वित्त कर्मी संघ ने मांग की है कि या तो मेरिट पर नियुक्ति पूर्ण किया जाए या अविलंब एग्जाम लिया जाय। अगर सरकार 10 जुलाई तक निर्णय नही लेती है तो 11 को ऑनलाइन बैठक किया जायेगा और आंदोलन के लिए रूप रेखा तैयार की जाएगी। घर पर बेरोजगारी के मानसिक अवसाद में घुट घुट कर मरने से अच्छा तो जेल है। अगर सरकार ठोस निर्णय नही लेती है तो अगले सप्ताह आंदोलन की रूप रेखा तैयार कर जोरदार आंदोलन किया जाएगा ।