गिरिडीह
गिरिडीह के जंगल अब साइबर ठगों का नया ठिकाना बन गए हैं, जहां अपराधी लोगों के मोबाइल पर APK फाइल का लिंक भेजकर उनका बैंक खाता खाली कर रहे हैं। साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। जिले के बेंगाबाद थाना क्षेत्र स्थित कोलहरिया जंगल में छापेमारी कर पुलिस ने छह साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अपराधियों के पास से 11 मोबाइल फोन, 13 सिम कार्ड और 5 बाइक बरामद की गई हैं। पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर गिरिडीह भी क्या धीरे-धीरे साइबर अपराध का नया गढ़ बनता जा रहा है। जंगलों और ग्रामीण इलाकों में साइबर अपराधियों की सक्रियता लगातार बढ़ रही है, जिससे लोग अब गिरिडीह की तुलना जामताड़ा से करने लगे हैं।
कोलहरिया जंगल में साइबर ठगों पर पुलिस का बड़ा एक्शन
जानकारी के अनुसार दिनांक 12 मई 2026 को पुलिस अधीक्षक गिरिडीह को प्रतिबिंब पोर्टल के माध्यम से सूचना मिली थी कि कोलहरिया जंगल में कुछ युवक मोबाइल फोन के जरिए साइबर ठगी की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर साइबर क्राइम डीएसपी आबिद खान के नेतृत्व में विशेष छापामारी दल का गठन किया गया। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जंगल क्षेत्र में घेराबंदी कर छह साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान अपराधियों ने कई बड़े खुलासे किए। गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि वे लोगों के मोबाइल पर “Mahanagar gas bill update.apk”, “rto e-challan check.apk” और “mgl gas.apk” जैसे फर्जी APK लिंक भेजते थे। जैसे ही कोई व्यक्ति इन लिंक को डाउनलोड करता था, उसके मोबाइल का एक्सेस साइबर अपराधियों तक पहुंच जाता था। इसके बाद वे बैंकिंग डिटेल, OTP, निजी जानकारी और अन्य संवेदनशील डाटा हासिल कर लोगों के खाते से पैसे उड़ा लेते थे। पुलिस के अनुसार यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और तकनीकी तरीके से लोगों को निशाना बना रहा था।
साइबर अपराध में पहले से सक्रिय थे गिरफ्तार आरोपी
गिरफ्तार अभियुक्तों में महेंद्र कुमार मंडल (28), कृष्णा कुमार मंडल उर्फ बागी (24), ईश्वर मंडल (28), पंकज कुमार मंडल (19), राजेश कुमार मंडल (19) तथा आदित्य कुमार मंडल उर्फ राजा बाबू (19) शामिल हैं। सभी आरोपी बेंगाबाद थाना क्षेत्र के विभिन्न गांवों के निवासी बताए गए हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी कृष्णा मंडल पूर्व में भी गिरिडीह साइबर थाना कांड संख्या 38/2023 एवं 43/2023 में जेल जा चुका है। वहीं महेंद्र कुमार मंडल दिल्ली के सफदरगंज थाना क्षेत्र में साइबर अपराध के मामले में पहले भी काराधीन रह चुका है। इससे साफ है कि गिरोह के सदस्य पहले से साइबर अपराध की दुनिया में सक्रिय रहे हैं। पुलिस का कहना है कि गिरिडीह के जंगल और दूरदराज इलाके अब साइबर अपराधियों के लिए सुरक्षित ठिकाना बनते जा रहे हैं। नेटवर्क और तकनीक का इस्तेमाल कर ये अपराधी गांवों से बैठकर देशभर के लोगों को निशाना बना रहे हैं। जामताड़ा की तर्ज पर गिरिडीह में भी साइबर अपराध का नेटवर्क तेजी से फैल रहा है, जो आने वाले समय में बड़ी चुनौती बन सकता है।
अनजान लिंक और फर्जी ऐप से रहें सावधान
इस मामले में साइबर थाना गिरिडीह में कांड संख्या 14/2026 दिनांक 12.05.2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है। छापामारी दल में साइबर क्राइम डीएसपी आबिद खान, साइबर थाना प्रभारी रामेश्वर भगत, पु.अ.नि. गुंजन कुमार, स.अ.नि. संजय मुखियार सहित कई पुलिस पदाधिकारी एवं सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक, APK फाइल या मोबाइल एप को डाउनलोड करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें। साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं, इसलिए सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।